Excise Policy रायपुर। छत्तीसगढ़ में अप्रैल 2026 से लागू होने वाली नई आबकारी नीति को सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसमें एक ऐसे प्रस्ताव है, जिसकी वजह से कहा जा रहा है कि राज्य में शराब की कीमतें कम हो सकती है।
छत्तीसगढ़ में एक अप्रैल 2026 से कांच की बोतल के साथ-साथ प्लास्टिक की बोतल में देशी-विदेशी शराब बेची जाएगी। इससे टूट-फूट (ब्रेकेज) में कमी आएगी। वहीं मजबूत कैपिंग के चलते मिलावट करना भी मुश्किल होगा। दरअसल कांच की बोतल में टूट-फूट (ब्रेकेज) का नुकसान राज्य सरकार को वहन करना पड़ता है, इसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया।
जानकार सूत्रों का कहना है कि कैबिनेट ने केवल नई आबकारी नीति का अनुमोदन किया है। अब आबकारी विभाग, सार्वजनिक उपक्रम छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन संबंधी नीति से जुड़े अन्य निर्णय लेगा। मालूम हो कि छत्तीसगढ़ में तीन डिस्टलरी और सात से अधिक बॉटलिंग प्लांट हैं।
पिछले कई वर्षों से कांच की बोतल की कीमत में बढ़ोत्तरी नहीं हुई थी, जिसके चलते लगातार सरकार पर कीमत बढ़ाने को लेकर दबाव था। जब दबाव काम नहीं आया, तो कांच की बोतल की जगह प्लास्टिक की बोतल का विकल्प लाया गया। जिस पर सरकार ने सहमति दे दी है। वैसे भी मध्यप्रदेश, झारखंड जैसे कई राज्यों में प्लास्टिक की बोतल में शराब बिक रही है।
आबकारी सूत्रों का कहना है कि नई नीति में पिछली कैबिनेट में 67 नई दुकान खोलने का जो निर्णय लिया गया था, उसे यथावत रखा गया है। इस वर्ष फिर नई दुकान खोलने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके साथ ही हर साल की तरह इस साल भी शराब का रेट ऑफर मंगवाया जाएगा। यदि कीमतों में वृद्धि की जाती है, तो निगोसिएशन कर रेट ऑफर लेंगे। इसके साथ ही प्लेसमेंट एजेंसी, सुरक्षा गार्ड और परिवहन का भी अलग से टेंडर किया जाएगा।
बार-रेस्टोरेंट के लिए नई नीति का निर्धारण होगा, जिसमें लायसेंस शुल्क समेत अन्य निर्णय शामिल होंगे। मार्केटिंग कार्पोरेशन ने शुरू की तैयारी-हालांकि यह कैबिनेट का हिस्सा नहीं है, लेकिन कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पोरेशन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। छत्तीसगढ़ में शराब से सरकार को एक बड़ा राजस्व मिलता है। इस वित्तीय वर्ष में राजस्व का लक्ष्य 12 हजार करोड़ रुपए रखा गया है। आने वाले वित्तीय वर्ष में राजस्व बढ़ाने पर जोर रहेगा।