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Federation बड़े आंदोलन से पहले फेडरेशन ने जारी किया पोस्‍टर: हम जीवित हैं, अटल हैं और मैदान से हटे….

Federation बड़े आंदोलन से पहले फेडरेशन ने जारी किया पोस्‍टर: हम जीवित हैं, अटल हैं और मैदान से हटे....

Federation रायपुर। छत्‍तीसगढ़ में इस महीने बड़े कर्मचारी आंदोलन की तैयारी चल रही है। इस आंदोलन का आह्वान कर्मचारियों और अधिकारियों के सबसे बड़े संयुक्‍त संगठन कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन ने किया है। इस आंदोलन को लेकर आज फेडरेशन की तरफ से पोस्‍टर जारी किया गया है।

जोश जगाने वाले तीन पोस्‍टर

कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन की तरफ आंदोलन को लेकर रविवार को तीन पोस्‍टर जारी किया गया है। तीनों ही पोस्‍टर जोश बढ़ाने वाला है। इसमें मुंशी प्रेमचंद की पंक्तियों का भी उल्‍लेख किया गया है। उल्‍लेखनीय है कि कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन ने 22 अगस्‍त को एक दिन के हड़ताल का ऐलान कर रखा है।

Federation  जानिए- क्‍या है फेडरेशन के पोस्‍टरों में

फेडरेशन की तरफ से जारी एक पोस्‍टरों में आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया गया है। एक पोस्‍टर में ‘जागते रहो जगाते रहो’  के साथ ‘न्‍याय चाहिए, न्‍याय’ नारा लिखा है। दूसरे पोस्‍टर में मोदी की गारंटी लागू करो का नारा बुलंद किया गया है। इन पोस्‍टरों में मोदी की गारंटी लागू करो, 22 अगस्‍त को कलम बंद, काम बंद हड़ताल का नारा भी है।

मुंशी प्रेमचंद की पंक्तियां हैं खास

फेडरेशन की तरफ से जारी एक पोस्‍टर खास है। इस पोस्‍टर पर मुंशी प्रेमचंद की पंक्तियां हैं। लिखा है- लोग कहते हैं आंदोलन, प्रदर्शन और जुलूस निकालने से क्‍या होता है? इस प्रश्‍न का उत्‍तर मुंशी प्रेमचंद की पंक्तियों में देते हुए लिखा है- इससे सिद्ध होता है कि हम जीवित हैं, अटल हैं और मैदान से हटे नहीं हैं।

Federation  22 को एक दिवसीय हड़ताल

उल्‍लेखनीय है कि फेडरेशन ने 22 अगस्‍त को एक दिवसीय हड़ताल पर रहने का ऐलान किया है। इस दिन प्रदेश के सभी अधिकारी- कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान हर स्‍तर पर कर्मचारी संगठन प्रदर्शन करेंगे।

11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन

फेडरेशन के नेतृत्‍व में कर्मचरी- अधिकारी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। 22 अगस्‍त को सामूहिक हड़ताल आंदोलन का दूसरा चरण है। इससे पहले 16 जुलाई में प्रदेशभर में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया था। फेडरेशन की तरफ से मोदी की गारंटी लागू करने की मांग की जा रही है। वही मोदी की गारंटी जो विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने प्रदेश के शासकीय सेवकों से किया था।

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