
Flood in Bastar रायपुर। छत्तीसगढ़ में बाढ़ कहर बरपा रहा है। गांवों और घरों में पानी घुसने के कारण 21 सौ से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है।
छत्तीसगढ़ के इन जिलों में बाढ़
छत्तीसगढ़ बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बस्तर में बाढ़ कहर बन गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रभावित परिवार को असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी सक्रियता से कार्य करे ।
Flood in Bastar रहने और भोजन की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि राहत शिविरों में ठहरे सभी लोगों को भोजन, चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सामग्री समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने प्रशासन को बाढ़ से प्रभावित गाँवों तक तुरंत सहायता पहुँचाने और आपदा नियंत्रण कक्षों से स्थिति की निगरानी करने के आदेश दिए।
चार जिलों में जनजीवन प्रभावित
लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के चार जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, 26 और 27 अगस्त को सबसे अधिक वर्षा दंतेवाड़ा जिले में दर्ज की गई, जहां क्रमशः 93.7 मिमी और 118.4 मिमी बारिश हुई। सुकमा में 35 से 109.3 मिमी, बीजापुर में 34.9 से 50.2 मिमी तथा बस्तर में 67.3 से 121.3 मिमी वर्षा रिकार्ड की गई जिससे 25 गाँव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
Flood in Bastar चार जिलों में बनाए गए 43 शिविर
राजस्व सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि 4 जिलों में कुल 43 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें दंतेवाड़ा जिले से 1,116, सुकमा से 790, बीजापुर से 120 और बस्तर से 170 , इस प्रकार कुल 2,196 प्रभावितों को राहत शिविर में ठहराया गया है।
बाढ़ से पांच लोगों की मौत बाढ़ से अब तक 5 जनहानि, 17 पशुधन हानि, 165 मकानों को आंशिक और 86 मकानों को पूर्ण क्षति की सूचना मिली है। सभी जिलों में नगर सेना और एसडीआरआफ राहत बचाव कार्य में जुटे हैं।




