Gajendra Yadav रायपुर। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय कैबिनेट में अब सदस्यों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। तीन नए मंत्रियों के शपथ के बाद कैबिनेट की क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण के आधार पर समीक्षा हो रही है। इन सबके बीच कैबिनेट विस्तार में दो नया रिकार्ड बन गया है। इसमें एक रिकार्ड गजेंद्र यादव से जुड़ा है।
राजभवन में बुधवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में तीन विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण करने वालों में सबसे पहेल गजेंद्र यादव का नाम आया। इसके बाद गुरु खुशवंत और फिर तीसरे नंबर पर राजेश अग्रवाल ने शपथ लिया। तीनों ही पहली बार विधायक चुने गए हैं।
दुर्ग शहर सीट से पहली बार विधायक चुने गए गजेंद्र यादव के मंत्री पद का शपथ लेने के साथ एक रिकार्ड बन गया है। प्रदेश के इतिहास में यादव समाज से मंत्री बनने वाले गजेंद्र यादव दूसरे नेता हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में इस समाज से एक मंत्री बनाए जाने की मांग लगातार होती रही, लेकिन किसी को मौका नहीं मिला। प्रदेश के इतिहास में यादव समाज से मंत्री बनने वालों में एक मात्र नाम हेमचंद यादव का है।
प्रदेश के इतिहास में यादव समाज से मंत्री बनाए जाने वाले गजेंद्र यादव दूसरे मंत्री हैं। यह भी संयोग है कि इससे पहले यादव समाज से मंत्री रहे स्व. हेमचंद यादव भी दुर्ग सीट से चुनाव जीत कर आए थे। हेमचंद यादव डॉ. रमन सिंह की सरकार में मंत्री थे।
विष्णुदेव कैबिनेट में मंत्री बनाए गए गजेंद्र यादव संघ से जुड़े हुए हैं। गजेंद्र यादव के पिता स्व. बिरसाराम यादव लंबे समय तक संघ के प्रांत कार्यवाहक थे।
विष्णुदेव कैबिनेट में सरगुजा संभाग से मंत्रियों की संख्या चार से बढ़कर पांच हो गई है। प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार है जब सरगुजा संभाग से एक साथ पांच मंत्री हैं, इनमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। विष्णुदेव साय के अलावा सरगुजा से राम विचार नेताम, श्याम बिहारी जायसवाल और लक्ष्मी राजवाड़े मंत्री हैं। अब राजेश अग्रवाल भी मंत्री बन गए हैं।
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में दुर्ग संभाग से छह मंत्री थे। इनमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी शामिल थे। बघेल के अलावा ताम्रध्वज साहू, रविंद्र चौबे, मोहम्मद अकबर, गुरु रुद्र कुमार और अनिला भेड़िया शामिल थे। भूपेश कैबिनेट में सरगुजा संभाग से तीन मंत्री थे। इनमें टीएस सिंहदेव, अमरजीत भगत और प्रेमसाय सिंह टेकाम मंत्री थे। बाद में टेकाम को हटा दिया गया था।