Godham रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने गोधाम योजना लांच की है। यह योजना पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की गोठान योजना की ही तरह है, लेकिन इसमें गोठान योजनाओं की कमियों को दूर करने का प्रयास किया गया है। गोधाम योजना में रोजगार का अवसर भी मिलेगा। इस संबंध में पशुपालन विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।
पशुपालन विभाग से जारी आदेश में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ की सीमाएं सात राज्यों से लगती हैं। यहां से 11 राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरते हैं। ऐसे में पशु तस्करी के मामले अक्सर पकड़े जाते हैं। इसमें बरामद पशुओं गोधान में इन पशुओं को रखने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही निराश्रित और घुमंतू मवेशियों की वजह से सड़क हादसे होते हैं। फसलों को भी नुकसान होता है। ऐसे मवेशियों को भी गोधाम में रखा जाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि गोधाम गोशालाओं से अलग होंगे। पहले चरण में गोधाम की स्थापना राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में किए जाएंगे। वहां घुमंतू गोवंश को आश्रय दिया जाएगा।
सरकार की तरफ से यह भी स्पष्ट किया गया है कि गोधाम की स्थापना सरकारी जमीन पर ही की जाएगी। वहां बाडा और शेड बनाने के साथ ही बिजली- पानी की व्यवस्था रहेगी। गोधामों के लिए चारा उपलब्ध कराने के लिए चारागाह की भूमि पर हरा चारा का उत्पदन किया जाएगा।
सरकार की तरफ से बताया गया है कि गोधाम योजना का उदृदेश्य निराश्रित, घुमंतू और जब्त गोवंशीय पशुओं का वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण और संवर्धन ।
गोउत्पादों को बढ़ावा देना।
चारा विकास कार्यक्रम विकसित करना।
प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करना।
पशु नस्ल सुधार करना।
जन-जन को गोसेवा के लिए प्रेरित करना।
रोजगार उपलब्ध कराना।
सरकार की तरफ से स्थापित किए जाने वाले गोधामों में एक निश्चित संख्या में ही पशुओं को रखा जाएगा। एक गोधाम में अधिकतम दो सौ मवेशी रखे जाएंगे।
गोधाम संचालन के लिए पात्र संस्थांए, राज्य गोसेवा आयोग में पंजीकृत संचालित गोशाला की समिति, स्वयंसेवी संस्था, (Non-Government Organization) एनजीओ, ट्रस्ट और फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के साथ सहकारी समिति कर सकती हैं।
गोधाम के आस-पास की पंजीकृत संचालित गोशाला की समिति को यह जिम्मेदारी दी जाएगी। समिति यदि संचालन नहीं करेगी तो अन्य स्वयंसेवी संस्था एनजीओ (Non-Government Organization), ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, सहकारी समिति के Public-Private partnership mode में गोधाम संचालन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
गोसेवा के क्षेत्र में कार्य का अनुभव (5 वर्ष)।
नस्ल सुधार और संचालन के क्षेत्र में अनुभव (3 वर्ष)
संस्था की तरफ से पशुपालकों प्रशिक्षण दिए जाने का अनुभव।
जैविक खाद उत्पादन और जैविक खेती का अनुभव।
हरा चारा उत्पादन कार्यक्रम का अनुभव।
सामाजिक कार्य का अनुभव।
गोधाम संचालन के लिए चयनित संस्था का कार्यकाल 5 वर्ष को होगा। कार्यकाल को बढ़ाया भी जा सकता है। बीच में काम छोड़ने या शर्तों का पालन नहीं करने वालों पर कार्यवाही भी की जा सकती है।