
gold silver price रायपुर। तगड़ा मुनाफा कमाने की चाह में चांदी में निवेश करने वाले दूसरे सेक्टर के कारोबारियों को तगड़ा झटका लगा है। बहुत से कारोबारी तो लोन लेकर (गिरवी रखकर) चांदी में निवेश कर रहे थे। लेकिन बाजार का रुख अब बदल गया है।
20 दिनों में आई कमी
20 दिनों में ही चांदी की कीमतों में एक लाख 75 हजार 200 रुपए की गिरावट आई है। वहीं सोना भी 31600 रुपए सस्ता हो गया है। हालांकि कीमतों में कमी आने से अब सराफा बाजार में वास्तविक खरीदार आने लगे है।
दूसरे सेक्टरों पर पड़ रहा था असर
कारोबारियों के अनुसार चांदी की कीमतों में तेजी का असर लोहा, कपड़ा सहित अन्य सेक्टर भी पड़ रहा था। कारोबारी भी चांदी में निवेश करने लगे थे। सोना की तुलना में चांदी में निवेश काफी बढ़ गया था। पिछले दिनों अंतरराष्ट्रीय बाजार के प्रभाव के साथ ही सट्टेबाजी बढऩे से सोने के साथ ही चांदी की कीमतों में जबरदस्त तेजी आने लगी थी। मंगलवार को रायपुर सराफा बाजार में सोना एक लाख 55 हजार 400 रुपए प्रति ग्राम(स्टैंडर्ड) और चांदी दो लाख 38 हजार 500 रुपए प्रति किलो रही।
और नीचे आएंगे कीमती धातुओं के दाम
सराफा के जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में और गिरावट की ही संभावना है। हालांकि दोनों कीमती धातुओं में थोड़ा बहुत करेक्शन देखने को मिल सकता है। लेकिन अब इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता कि चांदी दोबारा चार लाख का स्तर कब पार करेगी।
आज से करीब 15 साल पहले 75 हजार से दाम गिरने के बाद चांदी को अपना यह स्तर प्राप्त करने में आठ साल से ज्यादा लगे। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि चांदी एक बार फिर से दो लाख के स्तर पर आ सकती है,वहीं सोना भी एक लाख 30 हजार प्रति दस ग्राम के स्तर पर पहुंच सकता है।
2011 में भी आई थी यह स्थिति
वर्ष 2011 में भी चांदी में ऐसी स्थिति आई थी। उस दौरान 33 हजार रुपए प्रति किलो रहने वाली चांदी की कीमतों में अचानक तेजी आई थी और चांदी 75 हजार रुपए प्रति किलो पहुंच गई थी। उस समय भी जब गिरावट का दौर शुरू हुआ तो चांदी सीधे 36 हजार रुपए प्रति किलो के स्तर पर आ गई थी।
सट्टेबाजी के चलते बुकिंग सिस्टम लगभग बंद
पहले सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट आने के बाद इसकी बुकिंग में जबरदस्त बढ़ोतरी हो जाती थी। उपभोक्ता कारोबारियों को फोन पर ही उस दिन के अनुसार बुकिंग करवा लेते थे। बताया जा रहा है कि अब कीमतों में इतनी तेजी आने के साथ ही उतार-चढ़ाव को देखते हुए कारोबारियों ने भी प्री बुकिंग लेना लगभग बंद कर दिया है।




