GST Reform रायपुर। उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को नया रायपुर स्थित महानदी भवन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भेंट की। प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार द्वारा किए गए जीएसटी रिफार्म और राज्य की कैबीनेट बैठक में सौर उर्जा परियोजनाओं को प्राथमिकता उद्योग का दर्जा दिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का पूरे उद्योग जगत की तरफ से आभार व्यक्त किया।
उरला इंडस्ट्रीज एसेसिएशन के अध्यक्ष अश्वनी गर्ग ने बताया कि जीएसटी रिफार्म 2025 से भारतीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। यह रिफार्म विशेष रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (MSME) कृषि निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक और निर्यात जैसे क्षेत्रों को मजबूती भी प्रदान करेगी।
जीएसटी रिफार्म के तहत 5% और 18% दो स्लैब दरे होगी, जिससे कर अनुपालन आसान होगा। आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं पर कर की दर कम की गई है, जिससे उपभोक्ताओं को सीधे फायदा होगा और उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी, वस्तुओं की मांग में भी उत्तरोत्तर वृद्धि होगी। और सरकार को प्राप्त होने वाले राजस्व में भी अत्याधिक बढ़त मिलेगी।
जीएसटी रिफॉर्म के सुधार आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की दिशा में सशक्त कदम है इससे न केवल उद्योग और व्यापार को बल मिलेगा बल्कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान होगा।
पारंपरिक ऊर्जा स्त्रोत की निर्भरता को कम करने और गैर पारंपरिक स्त्रोत आधारित ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य की सौर ऊर्जा नीति में आवश्यक संशोधन के लिए उरला इंडस्ट्रीज एसोसिएशन निरंतर शासन के समक्ष मौखिक व पत्रों के माध्यम से आग्रह करता रहा है।
GST Reform अध्यक्ष श्री गर्ग ने कहा कि हमारे निरंतर आग्रह को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय में आयोजित कैबिनेट बैठक नौ सितंबर में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए सौर उर्जा परियोजनाओं को प्राथमिकता उद्योग में सम्मिलित करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
यह संशोधित नीति अब 2030 तक लागू रहेगी, या फिर जब तक राज्य सरकार नई सौर ऊर्जा नीति जारी नहीं करती तब तक लागू रहेगी। इसके तहत निवेशकों को कई तरह की रियायतें और प्रोत्साहन मिलेंगे, जैसे व्याज अनुदान, पूंजी लागत पर अनुदान (सूक्ष्म उद्योगों को), जीएसटी प्रतिपूर्ति (लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों को), बिजली शुल्क में छूट, स्टाम्प शुल्क में छूट, इत्यादि।