
Half Bijli रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने राज्य की पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के एक और फैसले को पलट दिया है। यह कदम विष्णुदेव सरकार पर भारी पड़ता दिख रहा है। सरकार के रणनीतिकार भी स्थित को भांप गए हैं। ऐसे में सरकार ने फैसला तो नहीं बदला है, लेकिन डैमेज कंट्रोल में पूरी ताकत झोंक दी है।
सरकार के फैसले से लोगों में नाराजगी
विष्णुदेव सरकार ने बिजली बिल हाफ योजना को बंद कर दिया है। हालांकि सरकार योजना को बंद किए जाने से इनकार कर रही है। सरकार की तरफ से दावा किया जा रहा है कि योजना बंद नहीं किया गया है बल्कि बदलाव किया गया है। अब 400 की बजाय 100 यूनिट तक की खपत पर हाफ योजना का लाभ मिलेगा।
सरकार का दावा 31 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ
सरकार दावा कर रही है कि राज्य के 31 लाख घरों में बिजली की खपत 100 यूनिट या उससे कम है। हालांकि बिजली कंपनी के अफसर ही इस दावे की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। ऐसे में सरकार को लग रहा है कि बिजली बिल हाफ योजना बंद किए जाने से जनता में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ सकती है। बताया जा रहा है कि जैसे ही खपत 101 यूनिट पहुंचेगी उपभोक्ता हाफ योजना के दायरे से बाहर हो जाएगा।
Half Bijli डैमेज कंट्रोल में जुटी सरकार
बिजली बिल हाफ योजना से लोगों की नाराजगी दूर करने के लिए सरकार की तरफ से लगातार बयान जारी किए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि 100 यूनिट तक हाफ बिजली बिल का लाभ मिलता रहेगा। सरकार समझाने का प्रयास कर रही है कि 70 प्रतिशत उपभोक्ताओं के यहां 100 यूनिट तक ही बिजली खतप होती है।
उपभोक्ता से बनें ऊर्जा दाता
इधर, पावर कंपनी की तरफ से लोगों से बिजली उपभोक्ता के स्थान पर ऊर्जा दाता बनने की अपील की जा रही है। कंपनी की तरफ से सोलर योजना के फायदे गिनाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि सोलर प्लांट लगाना सस्ता है। राज्य और केंद्र सरकार की तरफ से सब्सिडी दी जा रही है। फाइनेंस सुविधा की भी जानकारी दी जा रही है।
सस्ती नहीं मुफ्त बिजली
बिजली बिल हाफ योजना बंद करने के साथ ही सरकार की तरफ से सस्ती नहीं मुफ्त बिजली का नारा बुलंद कर रही है। सरकार की तरफ से भी सोलर योजना को लेकर बयान और विज्ञापन जारी किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सोलर योजना के तहत उपभोक्ता की अतिरिक्त बिजली पावर कंपनी खरीदेगी।
Half Bijli सरकार के दावों पर संशय
घरों की छतों पर लगने वाले सोलर प्लांट की अतिरिक्त बिजली पावर कंपनी ले तो रही है, लेकिन उस बिजली के एवज में उपभोक्ताओं को भुगतान की अब तक कोई व्यवस्था नहीं है। बिजली अफसरों के अनुसार मौजूदा स्थिति में अतिरिक्त बिजली का समायोजन किया जाएगा।




