Halla Bol बस्‍तर से सरगुजा तक सरकारी कर्मियों का हल्‍ला बोल: देखिए फोटो- कैसे रहा प्रदर्शन   

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Halla Bol रायपुर। छत्‍तीसगढ़ के शासकीय कर्मचारियों ने बुधवार को अपनी मांगों को लेकर प्रदेशभर में प्रदर्शन किया। र्मचारियों के लिए मोदी की गारंटी लागू करने के मुद्दे पर फेडरेशन ने राज्य के सभी जिला के कलेक्टर और ब्लॉक में एसडीएम के माध्यम से सरकार को अल्टीमेटम दिया है।

फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा, बीपी शर्मा, राजेश चटर्जी, जीआर चंद्रा, रोहित तिवारी और संजय सिंह ठाकुर ने बताया कि विधानसभा चुनाव-2023 के समय प्रदेश के कर्मचारियों के लिये प्रमुख वादे को मोदी की गारंटी के रूप में प्रचार-प्रसार किया गया था। यह प्रचारित किया गया था कि यदि सरकार बनती है तो प्रदेश के शासकीय सेवकों एवं पेंशनरों को केन्द्र के समान महंगाई भत्ता और राहत दिया जाएगा।

Halla Bol देय तिथि से लंबित डीए एरियर्स की राशि को कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित किया जाएगा।अनियमित/संविदा/दैनिक वेतनभोगी/अतिथि शिक्षक इत्यादि संवर्ग का नियमितीकरण किया जाएगा। सहायक शिक्षकों का वेतन विसंगति दूर किया जाएगा। पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाएगा।

तृतीय और चतुर्थ वर्ग के पुलिस कर्मचारियों के आवास के लिए पुलिस कल्याण कोष को सशक्त करेंगे। मितानिन, रसोईया और सफाई कर्मी के वेतन में 50 प्रतिशत की वृद्धि होगी। फेडरेशन के कहना है कि सरकार ने केवल कमेटियों का गठन किया है। उन्होंने प्रश्न किया कि क्या मोदी की गारंटी का परीक्षण  सरकार द्वारा गठित कमेटी करेगी?

पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट लागू करने की मांग

फेडरेशन के कहना है कि वेतन विसंगति और कर्मचारियों के ज्वलंत मुद्दों के निराकरण करने गठित पिंगुआ कमेटी का निष्कर्ष लंबित है। छत्तीसगढ़ के कर्मचारी-अधिकारी चार स्तरीय वेतनमान के सेवालाभ से वंचित हैं, जबकि मध्यप्रदेश में मिल रहा है। सहायक शिक्षक व सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी त्रिस्तरीय समयमान की स्वीकृति का मामला लंबित है।

अनुकंपा नियुक्ति में 10 प्रतिशत सिलिंग के कारण हजारों प्रकरणों का निराकरण लंबित है। अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस पर निर्णय लंबित है। कर्मचारी का भविष्य पेंशन लाभ से जुड़ा बेहद संवेदनशील मामला एनपीएस और ओपीएस पर सरकार की नीति गलत है।

एनपीएस कटौती तिथि से ओपीएस के लिए सेवाकाल गणना पर फेडरेशन के सुझाव पर अनिर्णय की स्थिति है। कार्यालयों में स्वीकृत वर्षो पुराने सेटअप पुनरीक्षित नहीं होने से कर्मचारियों पर अत्यधिक वर्कलोड है। सरकार कार्यभारित, संविदा,दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण नहीं होने से उनका भविष्य अंधकारमय है।

Halla Bol  अब 22 को हड़ताल की तैयारी

पंचायत सचिवों का शासकीयकरण मामले पर सरकार सिर्फ आश्वासन देकर चुप्पी साध लिया है। फेडरेशन ने तमाम मुद्दों को एकजाई कर 11 सूत्रीय मांग पत्र सरकार को दिया है। यदि सरकार ने समाधान कारक निर्णय नहीं लिया तो 22 अगस्त 25 को कलम बंद-काम बंद हड़ताल होगा।

chatur postJuly 16, 2025
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