Halla Bol रायपुर। छत्तीगसगढ़ के शासकीय सेवक बड़ा आंदोलन करेंगे। इसकी वजह से पूरे राज्यं के शासकीय कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हो सकता है। ऐसा इस वजह से क्योंकि आंदोलन का ऐलान प्रदेश के कर्मचारी संगठनों के सबसे बड़े संयुक्त संगठन कर्मचारी- अधिकारी फेडरेशन ने किया है।
फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर बुधवार को प्रदेशभर में एकजुट होकर सभी कर्मचारी-अधिकारी मोदी की गारंटी लागू करो अभियान के तहत जंगी प्रदर्शन करेंगे।
यह प्रदर्शन केंद्र सरकार की गारंटी के अनुरूप सुविधाएं लागू करवाने और राज्य सरकार से लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग को लेकर किया जा रहा है।
केंद्र सरकार के समान कर्मचारियों एवं पेंशनरों को देय तिथि से महंगाई भत्ता लागू किया जाए।
डीए एरियर्स की राशि कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित की जाए।
सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए।
विभिन्न वर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए।
पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली पर गंभीर पहल हो।
सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान दिया जाए।
अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10 प्रतिशत सीलिंग में शिथिलीकरण की जाए।प्रदेश में कैशलेश सुविधा लागू की जाए।
अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस की जाए।
दैनिक, अनियमित, संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की ठोस नीति बने।
सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जाए।
छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न पेंशनर्स संगठनों ने इस बार फेडरेशन के आंदोलन को पूर्ण समर्थन देते हुए आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया है।
फेडरेशन के प्रदेश संयोजक कमल वर्मा, जीआर चंद्रा, चंद्रशेखर तिवारी, बीपी शर्मा, राजेश चटर्जी, रोहित तिवारी, मनीष मिश्रा, विंदेश्वर रौतिया, संजय सिंह ठाकुर, मनीष ठाकुर, राकेश शर्मा, अजीत दुबे, केदार जैन, अरुण तिवारी, लक्ष्मण भारती, भागवत कश्यप, दीपचंद भारती, नागेश्वर मौर्य, राज नारायण द्विवेदी, पंकज पांडेय, आरएन ध्रुव, कैलाश चौहान, ऋतु परिहार, सुमन शर्मा, टारजन गुप्ता, रीना राजपूत, मनोज साहू, जय कुमार साहू, संतोष वर्मा, हरिमोहन सिंह, हरीश देवांगन, लैलून भारद्वाज आदि ने स्पष्ट किया है कि यह प्रदर्शन पूर्णतः शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक ढंग से आयोजित किया जाएगा।
राजधानी रायपुर से लेकर सुदूर अंचलों तक सभी जिलों और ब्लॉकों में कर्मचारी-अधिकारी रैली निकालकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
फेडरेशन ने समस्त संगठनों, पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों से इस ऐतिहासिक आंदोलन में भाग लेकर अपने अधिकारों की लड़ाई को मजबूती देने की अपील की है।