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छत्तीसगढ़ उच्च शिक्षा विभाग में बड़ी हलचल: 872 सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त, जानें किसे मिली राहत और किसका बढ़ा इंतज़ार

शिक्षा विभाग

रायपुर | छत्तीसगढ़ के सरकारी कॉलेजों में कार्यरत सहायक प्राध्यापकों के लिए बड़ी खबर है। उच्च शिक्षा विभाग ने प्रोबेशन (परिवीक्षा अवधि) को लेकर जारी सस्पेंस को खत्म करते हुए जांच प्रक्रिया में तेजी ला दी है। विभाग ने कुल 1010 प्रकरणों के सूक्ष्म परीक्षण के बाद 872 सहायक प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त करने की हरी झंडी दे दी है।

दस्तावेजों की अग्निपरीक्षामें 872 पास, 70 को झटका

विभागीय छानबीन समिति ने वर्ष 2022 में नियुक्त हुए प्राध्यापकों के करियर रिकॉर्ड्स को खंगाला। इस जांच में वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (ACR), पुलिस वेरिफिकेशन, निष्ठा प्रमाण-पत्र और संपत्ति विवरण जैसे कड़े मानकों को आधार बनाया गया।

बैठकों का दौर: किसका पलड़ा भारी रहा?

विभाग ने फरवरी और मार्च 2026 में दो महत्वपूर्ण बैठकें कर नियुक्ति वार आंकड़ों का निपटारा किया:

  1. फरवरी की बैठक: कुल 348 प्रकरणों में से 307 पात्र मिले, जबकि 15 के दस्तावेज अधूरे होने के कारण उन्हें पेंडिंग रखा गया है। 26 प्राध्यापक मानकों पर खरे नहीं उतरे।
  2. मार्च की बैठक (मार्च-मई 2022 बैच): 572 प्रकरणों की समीक्षा हुई। इसमें 497 पात्र पाए गए, जबकि 36 को अपात्र घोषित कर उनकी परिवीक्षा अवधि समाप्त नहीं करने की अनुशंसा की गई।
  3. जून-दिसंबर 2022 बैच: 90 प्रकरणों में से 68 पात्र मिले, जबकि 8 अपात्र पाए गए और 14 के दस्तावेज अधूरे हैं।

पारदर्शिता पर विभाग का जोर

उच्च शिक्षा विभाग का स्पष्ट कहना है कि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है। जिन शिक्षकों के दस्तावेज अधूरे हैं, उन्हें पूर्ति करने का मौका दिया जाएगा। इस कदम से प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में लंबे समय से अटके मामलों का निराकरण होगा और शिक्षकों को समय पर उनके सेवा लाभ मिल सकेंगे।

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