रायपुर । अगर आप शेयर बाजार में फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (Futures & Options) में ट्रेडिंग करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण (Important) है। इनकम टैक्स विभाग ने नए ITR फॉर्म में बड़ा बदलाव किया है। अब निवेशकों को अपने F&O ट्रेडिंग से होने वाले टर्नओवर और आय (Income) की जानकारी अलग कॉलम में देनी होगी।
क्यों जरूरी हुआ यह बदलाव?
अब तक ITR फॉर्म में F&O टर्नओवर के लिए कोई विशेष (Specific) कॉलम नहीं था। इसके कारण कई लोग इसे ‘सेवाओं की बिक्री’ के रूप में दिखा देते थे या केवल शुद्ध लाभ-हानि की जानकारी देते थे।
- पारदर्शिता (Transparency): नए नियमों से टैक्स अधिकारियों के लिए आय के स्रोत को ट्रैक करना आसान होगा।
- समानता (Uniformity): अब सभी करदाताओं को एक ही तरीके से टर्नओवर रिपोर्ट करना होगा।
- लॉस सेट-ऑफ (Loss Set-off): अलग से जानकारी देने पर आपको ट्रेडिंग में हुए घाटे को अन्य बिजनेस इनकम के साथ एडजस्ट करने और उसे भविष्य (Future) के लिए कैरी फॉरवर्ड करने में आसानी होगी।
F&O टर्नओवर की गणना कैसे करें?
ध्यान रखें कि टर्नओवर का मतलब आपकी कुल ट्रेड वैल्यू नहीं है। इनकम टैक्स के नियमों के अनुसार, टर्नओवर की गणना (Calculation) ‘एब्सोल्यूट प्रॉफिट’ (Absolute Profit) के आधार पर की जाती है।
उदाहरण से समझें:
- अगर आपने ट्रेड ‘A’ में ₹1,000 का लाभ कमाया।
- और ट्रेड ‘B’ में आपको ₹2,000 का नुकसान हुआ।
- तो आपका कुल टर्नओवर ₹1,000 + ₹2,000 = ₹3,000 माना जाएगा।
यहाँ नुकसान (Loss) को भी टर्नओवर की गिनती में प्लस (Positive) ही माना जाता है।
टैक्स ऑडिट नियमों में भी हुआ बदलाव
विशेषज्ञों के अनुसार, अब टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (TAR) फाइल करते समय ऑडिटर का नाम या मेंबरशिप नंबर भरने की जरूरत नहीं होगी। इसके बजाय, अब केवल टैक्स ऑडिट रिपोर्ट का एक्नॉलेजमेंट नंबर (Acknowledgement Number) देना ही पर्याप्त होगा। इससे प्रक्रिया काफी सरल (Simple) हो जाएगी।
इनकम छुपाना पड़ सकता है भारी
इनकम टैक्स एक्ट के तहत F&O से होने वाली कमाई को ‘बिजनेस इनकम’ माना जाता है। यदि आप इसे रिपोर्ट नहीं करते हैं, तो डेटा मिसमैच होने पर विभाग की ओर से आपको टैक्स नोटिस (Income Tax Notice) मिल सकता है।
मुख्य बातें (Quick Highlights):
- F&O ट्रेडिंग अब बिजनेस इनकम के रूप में अलग से दर्ज होगी।
- नुकसान होने पर भी उसे रिपोर्ट करना फायदेमंद है ताकि भविष्य में टैक्स बच सके।
- गलत जानकारी देने पर इनकम टैक्स विभाग सख्त कार्रवाई (Action) कर सकता है।
एक्सपर्ट व्यू: सरकार का यह कदम टैक्स व्यवस्था को अधिक डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में है। यदि आप भी ट्रेडिंग करते हैं, तो इस बार अपना ITR फाइल करते समय नए कॉलम का ध्यान जरूर रखें।
डिस्क्लेमर: यह खबर केवल जानकारी के उद्देश्य से है। टैक्स संबंधी किसी भी निर्णय से पहले अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

