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भारत की बड़ी उपलब्धि: देश में 53% बिजली अब ‘क्लीन एनर्जी’ से, अडानी और वेदांता का बड़ा धमाका, जानें पूरी डिटेल

Power Round Up

नई दिल्ली/रायपुर: भारत ने ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक भारत की कुल बिजली उत्पादन क्षमता 532.74 GW (गीगावाट) तक पहुंच गई है। सबसे चौंकाने वाली और सुखद बात यह है कि इसमें गैर-जीवाश्म ईंधन (Non-fossil sources) यानी सौर और पवन ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़कर 53.21% हो गई है।

यह खबर न केवल पर्यावरण के लिए अच्छी है, बल्कि निवेशकों और उद्योगों के लिए भी बड़े संकेत (Indicators) दे रही है। आइए जानते हैं पावर सेक्टर की बड़ी खबरें जो आपकी जेब और देश की तस्वीर बदल रही हैं।

सौर ऊर्जा की रिकॉर्ड रफ्तार (Solar Energy Growth)

भारत की कुल क्षमता में अब कोयले (Coal) की हिस्सेदारी 41.66% रह गई है, जबकि सोलर पावर (Solar Power) 28.21% के साथ दूसरे सबसे बड़े स्रोत के रूप में उभरा है। वित्त वर्ष 2026 में जुड़ी कुल क्षमता में से 90% हिस्सा केवल अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) का रहा है।

अडानी पावर का ‘न्यूक्लियर’ प्लान (Adani Power Nuclear Entry)

दिग्गज कारोबारी गौतम अडानी की कंपनी अदानी पावर ने परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy) के क्षेत्र में कदम रख दिया है। कंपनी ने ‘रावतभाटा-राज एटॉमिक एनर्जी लिमिटेड’ नाम से एक नई सहायक कंपनी बनाई है। यह कदम भविष्य में निजी क्षेत्र की परमाणु ऊर्जा में बड़ी भागीदारी का संकेत (Signal) है।

वेदांता का पावर गेम: अब नई कंपनी ‘Vedanta Power’ (Vedanta Demerger)

अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली वेदांता लिमिटेड ने अपने बिजली कारोबार को अलग करने (Demerger) की मंजूरी दे दी है। 1 मई 2026 से ‘तलवंडी साबो पावर लिमिटेड’ अब वेदांता पावर लिमिटेड के नाम से शेयर बाजार में लिस्ट होगी। शेयरधारकों को हर 1 शेयर के बदले नई कंपनी का 1 शेयर मुफ्त मिलेगा।

इंडोसोलर का मुनाफा 350% बढ़ा (Indosolar Profit Surge)

सोलर पैनल बनाने वाली कंपनी Indosolar के लिए साल 2026 शानदार रहा। कंपनी का मुनाफा (PAT) 350% बढ़कर 246.60 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी ने अब आधुनिक G12 सोलर मॉड्यूल का उत्पादन भी शुरू कर दिया है।

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महत्वपूर्ण जानकारी (Key Updates): पर्यावरण मंत्रालय (EAC) ने नालको (NALCO) के 11,313 करोड़ रुपये के पावर प्लांट विस्तार को फिलहाल रोक दिया है। नदी और जंगलों से जुड़ी आपत्तियों के कारण इस प्रोजेक्ट पर दोबारा विचार होगा।

पावर सेक्टर की अन्य बड़ी हलचलें (Quick Highlights)


क्या है FDRE प्रोजेक्ट? (First Dispatchable Renewable Project)

जूनिपर ग्रीन एनर्जी ने भारत का पहला FDRE (Firm and Dispatchable Renewable Energy) प्रोजेक्ट शुरू किया है। इसका मतलब है ऐसी अक्षय ऊर्जा जो मांग के अनुसार कभी भी सप्लाई की जा सके। इसमें सोलर, विंड और बैटरी स्टोरेज (BESS) का संगम है।

ऊर्जा क्षेत्र का नया समीकरण (New Power Equation)

  • कुल क्षमता: 532,740 MW
  • ग्रीन एनर्जी: 283,468 MW (53.21%)
  • कोयला आधारित: 249,272 MW (46.79%)
  • नेट जीरो लक्ष्य: OIL इंडिया ने 2040 तक नेट जीरो होने का संकल्प लिया है।

भारत अब केवल बिजली उत्पादन ही नहीं कर रहा, बल्कि भविष्य की ग्रीन इकॉनमी (Green Economy) की नींव भी रख रहा है। अदानी, वेदांता और वेलस्पन जैसी कंपनियों का निवेश यह बताता है कि आने वाला समय ‘स्वच्छ ऊर्जा’ का है।

Adani Power Nuclear Subsidiary

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