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Green Energy Revolution: एनर्जी सेक्टर में आया निवेश का तूफान! अडानी से लेकर Evren तक, इन बड़ी कंपनियों ने किया मेगा प्रोजेक्ट्स का एलान

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News Desk: भारत में ग्रीन एनर्जी (Green Energy) के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत हो गई है। बिजली की बढ़ती मांग और पर्यावरण सुधार के बीच देश के ऊर्जा क्षेत्र (Energy Sector) में अरबों रुपये के निवेश और नए प्रोजेक्ट्स की झड़ी लग गई है। अडानी ग्रीन से लेकर NLC इंडिया तक, दिग्गज कंपनियों ने भविष्य की तैयारी तेज कर दी है।

Evren का $600 मिलियन का महा-प्रोजेक्ट

ब्रुकफील्ड और एक्सिस एनर्जी के संयुक्त उपक्रम ‘Evren’ ने आंध्र प्रदेश और राजस्थान में 1 GW के हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स के लिए लगभग $600 मिलियन (करीब 5000 करोड़ रुपये) जुटाए हैं। यह प्रोजेक्ट सोलर, विंड और बैटरी स्टोरेज (BESS) का एक अनूठा संगम होगा, जो चौबीसों घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।

अडानी ग्रीन ने गुजरात में शुरू किया नया प्लांट

अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL) ने गुजरात के खावड़ा में 292 MW का सोलर प्रोजेक्ट चालू (Operational) कर दिया है। 23 अप्रैल 2026 से यहां बिजली उत्पादन शुरू हो गया है। इसके साथ ही अडानी की कुल क्षमता अब 19,585.8 MW तक पहुंच गई है।

बैटरी स्टोरेज पर सरकार का फोकस (Energy Storage)

भारत अब सिर्फ बिजली बनाने पर ही नहीं, बल्कि उसे स्टोर करने पर भी ध्यान दे रहा है। Enviro Infra ने बिहार में एक बड़े बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट का अधिग्रहण किया है, वहीं ABCI Infra कोलकाता में CESC के लिए 40 MW का स्टैंडअलोन स्टोरेज सिस्टम विकसित करेगी। इससे ग्रिड की स्थिरता (Stability) बढ़ेगी और बिजली कटौती की समस्या कम होगी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय कंपनियों का डंका

भारत की ऊर्जा कंपनियां अब विदेशों में भी अपनी धाक जमा रही हैं:

  1. Zodiac Energy: जाम्बिया (Zambia) में 6 MW का सोलर प्रोजेक्ट और बैटरी सिस्टम का ऑर्डर मिला।
  2. PowerGrid: अफ्रीका50 के साथ मिलकर केन्या के पावर सेक्टर में विस्तार कर रही है।
  3. Suzlon: मैड्रिड में अपने नए विंड टर्बाइन मॉडल पेश किए, जो कम हवा में भी अधिक बिजली पैदा करेंगे।

छत्तीसगढ़ और राजस्थान के लिए क्या है खास?

राजस्थान में NLC इंडिया 2 GW का रिन्यूएबल प्रोजेक्ट लगाने जा रही है। वहीं, छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के लिए भी यह खबरें महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ग्रिड की मजबूती और क्लीन एनर्जी के नए स्रोतों से आने वाले समय में बिजली की दरों में स्थिरता और निर्बाध आपूर्ति (Uninterrupted Supply) की उम्मीद जगी है।

2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा का लक्ष्य पाने की दिशा में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। कंपनियों का यह भारी निवेश न केवल रोजगार के अवसर पैदा करेगा, बल्कि भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर (Self-reliant) भी बनाएगा।

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