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बड़ी खबर: भारत के एनर्जी सेक्टर में ‘पावर ब्लास्ट’, अडानी का परमाणु ऊर्जा में कदम और सोलर सेक्टर में आए हजारों करोड़ के ऑर्डर!

Indian Energy Sector News

Indian Energy Sector Updates: भारत का ऊर्जा क्षेत्र (Energy Sector) इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। एक तरफ जहां Adani Power ने परमाणु ऊर्जा (Nuclear Energy) के क्षेत्र में अपनी धाक जमाने के लिए नई कंपनी बनाई है, वहीं दूसरी ओर CCI ने अडाणी और सेक़ी (SECI) को बड़ी क्लीन चिट दे दी है। इस बुलेटिन में हम आपको सोलर, न्यूक्लियर और थर्मल पावर सेक्टर से जुड़ी बड़ी खबरों का विश्लेषण (Analysis) देंगे।

1. अडाणी और SECI को बड़ी राहत: CCI ने खारिज किए धांधली के आरोप

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India – CCI) ने अडाणी ग्रीन एनर्जी और SECI के खिलाफ चल रही जांच को बंद कर दिया है। 7 GW के सोलर टेंडर में लगे ‘एंटी-कॉम्पिटिटिव’ (Anti-competitive) व्यवहार के आरोपों को आयोग ने निराधार पाया है।

मुख्य बिंदु:


2. न्यूक्लियर सेक्टर में विदेशी निवेश (FDI) का रास्ता साफ

परमाणु ऊर्जा आयोग (AEC) ने SHANTI Act, 2025 के तहत न्यूक्लियर सेक्टर के लिए ड्राफ्ट FDI पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। यह भारत के ऊर्जा इतिहास में एक क्रांतिकारी (Revolutionary) कदम है।

बड़ा लक्ष्य: भारत 2047 तक 100 GW परमाणु क्षमता हासिल करना चाहता है। इसके लिए “फ्लीट मोड” (Fleet Mode) दृष्टिकोण अपनाया जाएगा ताकि लागत कम हो सके।

3. अडाणी पावर की न्यूक्लियर सेक्टर में एंट्री: CMAEL का गठन

अडाणी ग्रुप ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए Coastal-Maha Atomic Energy Limited (CMAEL) नाम की एक नई सहायक कंपनी (Subsidiary) बनाई है। यह कंपनी विशेष रूप से परमाणु स्रोतों से बिजली उत्पादन, पारेषण (Transmission) और वितरण पर ध्यान केंद्रित करेगी।


4. Sterling and Wilson को मिला ₹3,550 करोड़ का महा-ऑर्डर

Sterling and Wilson Renewable Energy Limited (SWREL) की चांदी हो गई है। कंपनी को कुल 3,550 करोड़ रुपये के सोलर EPC ऑर्डर मिले हैं। इसमें सबसे बड़ा ऑर्डर Coal India Limited से मिला है।


5. शक्ति पंप्स का बड़ा निवेश: सोलर मैन्युफैक्चरिंग में धमाका

Shakti Pumps ने मध्य प्रदेश के पीथमपुर में सोलर सेल और मॉड्यूल प्लांट लगाने के लिए अपनी सहायक कंपनी में ₹24 करोड़ का निवेश (Investment) किया है।


6. थर्मल पावर में BHEL को झटका: अनुपपुर प्रोजेक्ट का LOI वापस

सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी BHEL ने अनुपपुर थर्मल पावर प्रोजेक्ट (800 MW) के लिए मिली स्वीकृति (LOI) को वापस ले लिया है। निर्धारित समय सीमा (Timeline) के भीतर इसे औपचारिक अनुबंध में नहीं बदला जा सका। हालांकि, BHEL का कुल ऑर्डर बुक अभी भी ₹2.4 लाख करोड़ के पार है।


7. NTPC Green Energy ने राजस्थान में शुरू किया नया प्लांट

NGEL ने राजस्थान में 150 MW के सोलर प्रोजेक्ट में से 87.50 MW की क्षमता को सफलतापूर्वक चालू (Commissioned) कर दिया है। इसके साथ ही ग्रुप की कुल ऑपरेशनल रिन्यूएबल कैपेसिटी अब 10,363.90 MW हो गई है।


8. रिन्यूएबल ऊर्जा लक्ष्यों (RCO) के लिए समय सीमा बढ़ी

विद्युत मंत्रालय (Ministry of Power) ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए रिन्यूएबल कंजम्पशन ऑब्लिगेशन (RCO) अनुपालन जमा करने की समय सीमा को बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दिया है। इससे कंपनियों को डेटा सबमिशन के लिए दो महीने का अतिरिक्त समय (Transition period) मिलेगा।


अन्य प्रमुख अपडेट्स (Quick Bytes):


क्या होगा निवेशकों पर असर?

एनर्जी सेक्टर की इन हलचलों से साफ है कि भारत सरकार और निजी कंपनियां ‘नेट जीरो’ (Net Zero) लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही हैं। अडाणी का न्यूक्लियर सेक्टर में आना और सोलर मैन्युफैक्चरिंग के लिए भारी निवेश यह दर्शाता है कि आने वाले समय में Power Stocks में जबरदस्त उतार-चढ़ाव (Volatility) और ग्रोथ देखने को मिल सकती है।

Expert Opinion: निवेशकों को सोलर EPC कंपनियों और न्यूक्लियर सप्लाई चेन से जुड़ी कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि FDI पॉलिसी में बदलाव गेम-चेंजर साबित हो सकता है।


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