IPS Promotion रायपुर। छत्तीसगढ़ के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अफसरों की पदोन्नति अटक गई है। अफसरों की पदोन्नति के लिए विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक शुरू तो हुई, लेकिन अचानक स्थगित कर दी गई। इस चक्कर में महादेव सट्टा एप की जांच में जिन अफसरों का नाम आया है, उनके साथ दूसरे अफसरों की भी पदोन्नति अटक गई है।
आईपीएस अफसरों की पदोन्नति के लिए मुख्य सचिव विकास शील की अध्यक्षता में 9 जनवरी को मंत्रालय में डीपीसी की बैठक हुई, लेकिन इसे बीच में ही स्थगित कर दिया गया। बैठक स्थगित किए जाने को लेकर कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि मामला महादेव सट्टा एप की वजह से लटक गया है। बताया जा रहा है कि प्रमोशन की कतार में खड़े कई अफसरों का नाम महादेव सट्टा एप की जांच में आया है। उनके प्रमोशन को लेकर अभी कुछ फैसला नहीं हो पाया है, इस वजह से डीपीसी की बैठक स्थगित कर दी गई।
इस बार बड़ी संख्या में आईपीएस अफसर प्रमोशन की कतार में खड़े हैं। इनमें 2001 से लेकर 2013 बैच तक के अफसर शामिल हैं। इनमें अभी आईजी रैंक पर काम कर रहे 2001 बैच के अफसर एडीजी प्रमोट होगें। डीआईजी रैंक के 2008 बैच के अफसर आईजी प्रमोट होगें। 2012 बैच वाले डीआईजी बनेगें, जबकि 2013 वाले अफसर जो अभी एसपी के पद पर हैं, उन्हें सलेक्शन ग्रेड मिलेगा।
पदोन्न्ति की कतार में खड़े अफसरों में डॉ. आनंद छाबड़ा एडीजी बनेगें। वहीं, 2008 बैच की पारुल माथुर, प्रशांत अग्रवाल, नीतू कमल के साथ डी श्रवण और मिलना कुर्रे आईजी बनने की कतार में खड़े हैं।
डीआईज प्रमोट होने वाले अफसरों में आशुतोष सिंह, विवेक शुक्ला, रजनेश सिंह, शशिमोहन सिंह, राजेश कुकरेजा, राजेश अग्रवाल और विजय अग्रवाल के साथ रामकृष्ण साहू शामिल हैं।
सलेक्शन ग्रेड पाने वाले एसपी रैंक के अफसरों में जितेंद्र शुक्ला, मोहित गर्ग, अभिषेक पल्लव और भोजराम पटेल शामिल हैं।
महादेव सट्टा एप मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रही है। ईडी की जांच में उस रायपुर रायपुर और दुर्ग के साथ पीएचक्यू में पदस्थ रहे कई अफसरों का नाम आया है। आईपीएस पारुल माथुर को सरकार ने चार्जशीट जारी कर रखा है। पारुल माथुर का नाम जांच में कई बार आया है, उनका वाट्सप चैट भी वायरल हुआ है।