IPS रायपुर। छत्तीसगढ़ के एक IPS पर नौकरी के लिए फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगा है। इस आईपीएस के खिलाफ राज्य पुलिस सेवा (SPS) के अफसरों ने पहले ही मोर्चा खोल रखा था।
अब मामला केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) तक पहुंच चुका है। एमएचए ने इस मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) से रिपोर्ट तलब किया है।
छत्तीसगढ़ के जिस पुलिस अधीक्षक (SP) पर फर्जीवाड़ा का आरोप लगा है वे अभी मोहला-मानपुर जिला में पदस्थ हैं। इस आईपीएस का नाम यशपाल सिंह है। यशपाल सिंह 2013 बैच के आईपीएस हैं। सीमा सुरक्षा बल (BSF) से छत्तीसगढ़ पुलिस में शामिल हुए यशपाल शर्मा पर भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप है।
आईपीएस यशपाल शर्मा के खिलाफ समाजिक कार्यकर्ता विवेक सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्रालय में शिकायत की थी। बताया जा रहा है कि यशपाल शर्मा बीएसएफ से राज्य पुलिस (SPS) हुए। यशपाल सिंह को 1998 बैच आवंटित किया गया।
राज्य पुलिस के अफसरों ने इसका विरोध किया। इस बीच यशपाल सिंह को राज्य पुलिस सेवा से आईपीएस प्रमोट करने की फाइल चल पड़ी, जबकि उस दौरान यशपाल सिंह के खिलाफ ईओडब्ल्यू में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले की जांच चल रही थी। इसके बावजूद यशपाल सिंह का नाम आईपीएस के लिए प्रस्तावित किया गया। 2019 में वे आईपीएस बन गए।
यशपाल सिंह का बीएसएफ से राज्य पुलिस में विलय पर सवाल उठ रहा है। इसके साथ ही उन्हें आईपीएस प्रमोट किए जाने पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। इस मामले में शिकायतकर्ता विवेक सिंह ने पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। विवेक सिंह का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है, ऐसे में इसकी सीबीआई से ही जांच होनी चाहिए।
यशपाल सिंह को लेकर राज्य पुलिस सेवा संघ की तरफ से अलग-अलग स्तरों पर लिखित शिकायत की गई थी। संघ ने राज्य के आईपीएस एसोसिएशन से भी मदद मांगी थी, लेकिन कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हुई।