
CSPDCL जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में भ्रष्टाचार (Corruption) के खिलाफ बिजली कंपनी ने एक बड़ी स्ट्राइक की है। ट्रांसफार्मर और बिजली कनेक्शन के बदले रिश्वत (Bribe) की डिमांड करने वाले दो इंजीनियरों और एक बाबू को विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है।
रंगे हाथों धरे गए थे साहब: ACB की बड़ी कार्रवाई
करीब 15 दिन पहले, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने एक विशेष ऑपरेशन (Special Operation) चलाकर बिजली विभाग के सहायक अभियंता (AE) विजय नोरे, कनिष्ठ अभियंता (JE) राजेंद्र शुक्ला और सहायक ग्रेड-1 देवेंद्र राठौर को 35 हजार रुपये की घूस लेते रंगे हाथों दबोचा था।
कार्रवाई की मुख्य बातें:
- निलंबन प्रभावी: तीनों कर्मचारियों का सस्पेंशन 20 मार्च से प्रभावी माना गया है।
- मुख्यालय बदलाव: सजा के तौर पर निलंबन अवधि के दौरान इनका हेडक्वार्टर अब जगदलपुर तय किया गया है।
- जीरो टॉलरेंस: विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्या था पूरा मामला? (The Case Breakdown)
मामला जांजगीर के ग्राम खोखसा का है। यहाँ एक स्थानीय निवासी अपने फ्लाई ऐश ब्रिक्स प्लांट के लिए नया ट्रांसफार्मर और बिजली कनेक्शन (Electricity Connection) लगवाना चाहता था।
Also read छत्तीसगढ़ में बिना लाइट आए मिल रहा ‘Problem Solved’ का मैसेज, 📌तो क्यों नहीं होगा बवाल
आरोप है कि इस सरकारी काम को करने के बदले अधिकारियों ने पैसों की मांग की। इसमें AE और JE ने 10 हजार रुपये और क्लर्क ने 25 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायतकर्ता की रिपोर्ट पर ACB बिलासपुर की टीम ने जाल बिछाया और 20 मार्च को आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
विभाग की सख्त चेतावनी (Strict Warning)
एसीबी की एफआईआर (FIR) दर्ज होने के बाद विद्युत वितरण कंपनी ने प्रशासनिक कार्रवाई (Administrative Action) करते हुए तीनों को सस्पेंड कर दिया। इसके परिणामस्वरूप (Consequently), अब विभाग के अन्य लापरवाह अधिकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।







