कर्मचारी हलचलराज्य

Kamal Verma फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा का Video संदेश: आंदोलन को लेकर कही बड़ी बात, साथियों से अपील…

Kamal Verma रायपुर। छत्‍तीसगढ़ के शासकीय सेवक अपने बड़े आंदोलन की तैयारी में हैं। इसका नेतृत्‍व प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों के सबसे बड़े संयुक्‍त संगठन कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन कर रहा है। फेडरेशन ने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर 29 से 31 दिसंबर 2025 तक हड़ताल का ऐलान कर रखा है।

प्रदेशभर में संपर्क अभियान

आंदोलन को सफल बनाने के लिए फेडरेशन की तरफ से प्रदेशभर में संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही बैठकों का दौर भी चल रहा है। फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा लगातार दौरा कर रहे हैं। इधर, संगठन के अन्‍य पदाधिकारी भी इस अभियान में जुटे हुए हैं।

संयोजक कमल वर्मा ने जारी किया वीडियो संदेश

इस बीच आंदोलन को लेकर शुक्रवार को फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने एक वीडियो संदेश जारी किया है। इसमें उन्‍होंने हड़ताल के लिए सरकार को जिम्‍मेदार बताया है। उन्‍होंने कहा कि अपनी मांगों को लेकर हमने कई बार सरकार को आवेदन किया, चर्चा करने का प्रयास किया, लेकिन सरकार की तरफ से कोई ठोस निर्णय नहीं लिए जाने के कारण यह कदम उठाना पड़ रहा है।

जब भी आंदोलन किया…

फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि फेडरेशन कर्मचारियों की मांगों को लेकर हमेशा संघर्ष करता रहा है। उन्‍होंने कहा कि फेडरेशन ने जब भी आंदोलन किया है सरकार से कुछ न कुछ लिया है। इसी वजह से कर्मचरी संगठनों का फेडरेशन पर अटूट विश्‍वास है।

कर्मचारियों से अपील और आग्रह

हड़ताल को लेकर कमल वर्मा ने प्रदेश के सभी कर्मचारी संगठनों और कर्मचारियों से अपील और आग्र‍ह किया है। उन्‍होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्‍न कराएं।

सरकार से संज्ञान लेने की अपील

अपने वीडियो संदेश में कमल वर्मा ने सरकार से आंदोलन को संज्ञान लेने की अपील की है। उन्‍होंने कहा कि सरकार से आग्रह है कि वह इस आंदोलन को संज्ञान में ले और हमारी समस्‍याओं के लिए ठोस पहल करे।

11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन

बात दें कि कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है। फेडरेशन की तरफ से मोदी की गारंटी लागू करने की मांग की जा रही है। भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में प्रदेश के शासकीय सेवकों के लिए कई वादे किए थे।

1. छत्‍तीसगढ़ कर्मचारियों और पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) दिया जाए।

2. मोदी की गारंटी अनुसार वर्ष 2019 से लंबित डीए एरियर्स की राशि कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित की जाए।

3. छत्‍तीसगढ़ के लिपिकों, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षकों, महिला बाल विकास विभाग समेत विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने Pingua Committee की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए।

4. प्रदेश में 4 स्तरीय पदोन्नत Time-scale pay scale समयमान वेतनमान क्रमश: 8,16,24,32 वर्ष में दिया जाए।

5. सहायक शिक्षकों, सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को भी त्रिस्तरीय Time-scale pay scale समयमान वेतनमान दिया जाए। नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन और समयबद्ध पदोन्नति दिया जाए।

6. प्रदेश में अन्य भाजपा शासित राज्यों की भांति प्रदेश में Cashless कैशलेस सुविधा लागू की जाए।

7. प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति निःशर्त लागू करने स्थायी आदेश जारी जारी किया जाये। वर्तमान में 10 प्रतिशत सीलिंग समाप्त करते हुए सीधी भर्ती के समस्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति दिया जाए।

8. मध्यप्रदेश की भांति प्रदेश में अर्जित Leave encashment अवकाश नगदीकरण 300 दिवस की जाए।

9. प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए समस्त सेवा लाभ दिया जाय। साथ ही प्रदश के पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए।

10. प्रदेश के विभिन्न विभागों में सेटअप पुनरीक्षित नहीं होने के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जाए।

11. प्रदेश में कार्यरत कार्यभारित, दैनिक वेतन भोगी, अनियमित, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण करते हुए नियमित पदस्थापना में नियक्त किया जाए

Back to top button