Karmchari रायपुर। छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ की तरफ से राज्य कर्मचारियों की केंद्र व राज्य स्तरीय मांगों को लेकर राज्य कन्वेंशन का आयोजन किया गया। इस मौके पर संघ के पदाधिकारियों ने केंद्र व राज्य सरकार पर मजदूरों व कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
रायपुर के सप्रे स्कूल परिसर स्थित कर्मचारी भवन में आयोजित कार्यक्रम में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के उपाध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि सरकार पीएफआरडीए एक्ट रद्द कर पुरानी पेंशन लागू करने, ठेका संविदा कर्मियों को रेगुलर करने, पीएसयू के निजीकरण पर रोक, खाली पदों पर नियमित भर्ती करने, बेरोजगारों को रोजगार देने, लेबर कोड्स, एनईपी व बिजली अमेंडमेंट बिल पर रोक लगाने सहित अन्य मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। वहीं, केंद्र सरकार भी रोके गए 18 महीने के बकाया डीए-डीआर को जारी करने, आठवां वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू होने तक पांच हजार रुपए अंतरिम राहत देने आदि मांगों पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा व महासचिव ए. श्रीकुमार ने कहा कि बीएमएस को छोड़कर अन्य सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियन व केंद्र, राज्य, बैंक, बीमा, डिफेंस आदि के सैकड़ों अखिल भारतीय संगठनों ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय कन्वेंशन बुलाई है। इसमें केंद्र के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन का ऐलान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र ने 29 श्रम कानूनों को खत्म कर बनाए चार लेबर कोड्स को लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है।
यह लेबर कोड्स मजदूरों की गुलामी का दस्तावेज है, जिससे मजदूरों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार न्यूनतम वेतन 26 हजार करने की मांग की भी अनदेखी कर रही है। महंगाई के सूचकांक के अनुसार यह 30 हजार से अधिक होना चाहिए।
मजदूरों और कर्मचारियों में केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है और वे अब सरकार के खिलाफ निर्णायक आंदोलन के मूड में दिखाई दे रहे हैं। कार्यक्रम में धर्मराज महापात्र, देवेंद्र पटेल, पीआर कौशिक, चंद्रशेखर तिवारी, मुक्तेश्वर देवांगन, तिलक यादव, देवेंद्र यादव, विजय वर्मा, रविंद्र मरकाम, आयुष सिंह, मिथलेश साहू व चंदू चंद्राकर मौजूद थे।