Karmchari रायपुर। सरकारी पावर कंपनी में प्रबंधन और कर्मचारी संगठन के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। बिजली कर्मचार महासंघ ने प्रबंधन के एक आदेश को तुगलकी फरमान करार देते हुए उसे वापस लेने की मांग की है। महासंघ ने कंपनी प्रबंधन को आगाह किया है यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
दरअसल, बिजली कंपनी के स्टाफ को बिजली बिल में मिलने वाली विशेष छूट को कंपनी प्रबंधन ने बंद कर दिया है। इसके जरिये कंपनी प्रबंधन स्टाफ पर रुफ टाप सोलर प्लांट लगाने के लिए बाध्य कर रही है। महासंघ इसी का विरोध कर रहा है। महासंघ के प्रदेश महामंत्री नवरतन बरेठ ने कंपनी प्रबंधन को पत्र लिखकर बिजली बिल में मिलने वाली रियायत को बंद करने का आदेश वापस लेने की मांग की है।
बता दें कि बिजली वितरण कंपनी ने अगस्त में एक निर्देश जारी किया था। इसमें पॉवर कंपनी में कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी के अपने स्वयं के आवासीय परिसर में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटाप सोलर पॉवर प्लांट स्थापितके लिए कहा गया था। इस आदेश दिनांक से 03 माह के भीतर रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित नहीं किए जाने की स्थिति में विशेष रियायत की सुविधा को स्थगित किए जाने पर विचार किए जाने की बात कही गई थी।
इसके बाद कंपनी प्रबंधन ने 25 नवंबर 2025 तक अनिवार्य रूप से रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट स्थापित करने निर्देशित करते हुए रजिस्ट्रेशन नहीं कराए जाने की स्थिति में नवंबर 2025 के विद्युत बिल में विशेष रियायत की सुविधा स्थगित किए जाने का आदेश जारी किया था।
महासंघ ने इसे तुगलकी आदेश बताते हुए विरोध दर्ज कराया था। महासंघ के महामंत्री नवरतन बरेठ ने इस आदेश के कियान्वयन के फलस्वरूप कर्मचारियों / अधिकारियों को होने वाले आर्थिक नुकसान और व्यवहारिक दिक्कत से अवगत कराया गया था। साथ ही रूफटॉप सोलर पॉवर प्लांट स्थापना का खर्च कंपनी प्रबंधन द्वारा वहन करने आग्रह किया गया था।
बिजली कंपनी के नियमित / पेंशनर कर्मचारियों/अधिकारियों को मध्यप्रदेश शासन के समय से मिल रहे अनुषंगी लाभ (Fringe Benefits) विद्युत देयक में 50/25 प्रतिशत छुट मिल रही है। महासंघ ने अपने पत्र में इसे बंद नहीं करने का आग्रह किया था।
महामंत्री नवरतन बरेठ ने बताया कि छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्युशन कंपनी ने अडियल रवैया अपनाते हुए दिसंबर में जारी नवंबर के विद्युत देयक में नियमित / पेंशनर कर्मचारियों/अधिकारियों को मध्यप्रदेश शासन के समय से मिल रहे अनुषंगी लाभ (Fringe Benefits), विद्युत देयक में 50/25 प्रतिशत छुट को बंद कर उनका टैरिफ सामान्य उपभोक्ताओं के समान कर दिया गया है।
नवरतन बरेठ ने बताया कि जिन कर्मचारियों / अधिकारियों ने रुफ टाप के लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया गया है उन्हें भी विद्युत देयक में मिलने वाले छुट से वंचित कर दिया गया है। कंपनी प्रबंधन के इस तानाशाही रवैये से समस्त कर्मचारियों/अधिकारियों में भयंकर रोष व्याप्त है।
कर्मचारी हितैषी सबसे बड़े श्रमिक संगठन भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ से किसी प्रकार सकारात्मक चर्चा किए बगैर कर्मचारी विरोधी ऐसे निर्णयों का घोर आलोचना करते हुए कड़े शब्दों में विरोध किया है। महासंघ की तरफ से मांग की गई है कि विद्युत कर्मियों के आवासीय परिसर में प्रधानमंत्री सुर्यघर योजना के रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापना के संबंध में जारी अवैधानिक आदेश को वापस लेते हुए विद्युत देयक में 50/25 प्रतिशत छुट अनुषंगी लाभ (Fringe Benefits) को पूर्ववत लागू करने का कष्ट करें। अन्यथा कि स्थिति में छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ-महासंघ प्रदेशव्यापी व्यपाक आंदोलन करने बाध्य होगा, जिसकी संपूर्ण जवाबदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।