Khabar Varta July 2025 रायपुर। खबर वार्ता चतुरपोस्ट.कॉम की मासिक पत्रिका है। इस वक्त आप खबर वार्ता का प्रवेशांक पढ़ने जा रहे हैं। इस अंक में छत्तीसगढ़ की प्रमुख घटनाओं के विश्लेषण के साथ बिहार विधानसभा चुनाव और पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के विकास की कहानी भी पढ़ेंगे।
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सरकार v/s भ्रष्टाचार
छत्तीसगढ़ के मैनपाट में मंत्री, विधायकों, सांसदों को पढ़ाया गया शिष्टाचार का पाठ। राजधानी रायपुर से 366 किमी दूर लगे भाजपा के चिंतन शिविर में सबको यह सीख दी गई कि भ्रष्टाचार से दूर रहें, जनता से विनम्रता से मिलें और यह न भूलें कि भाजपा के कारण ही आपकी पहचान बनी हुई है।
तीन दिनों की करीब 12 कक्षाओं में लगातार भाजपा के विचार और कार्यपद्धति की घुट्टी विस्तार से पिलाई गई। ऐसा नहीं है कि सभी मंत्री या विधायक भाजपा में नए हैं। बल्कि इसलिए उनका ब्रेन वॉश किया गया, ताकि सरकार में आने के बाद पार्टी के संस्कार और विचार को भूल न जाएं।
सरकार में रहते तक उन्हें जनता की सेवा करनी है, उसके बाद तो फिर भाजपा के पास ही लौटना है। दूसरी ओर भाजपा कतई नहीं चाहती कि सरकार में वापसी के बाद फिर से कांग्रेस को मौका मिल जाए। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने तो साफ कहा कि भाजपा से ही आपकी पहचान बनी हुई है।
उन्होंने साफ कहा कि पार्टी के जनप्रतिनिधि स्थानीय लोगों के साथ अपना व्यवहार और शिष्टाचार बना कर रखें, विनम्रता और संयम बना कर काम करें। श्री नड्डा की बातों से यह भी स्पष्ट संकेत मिलता है कि पार्टी को सबकी खबर है, कौन, कहां पर क्या कर रहा है, इसकी पूरी रिपोर्ट राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ तक पहुंच रही है।
न्यायधानी बिलासपुर में पहली बार शराब कारखाने में पानी घोटाला सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि यहां बीते २७ साल से यह गड़बड़ी चल रही है और विभागीय अफसर केवल नोटिस- नोटिस का खेल खेलते हुए अब तक ३२७ नोटिस कारखाना मालिक को दे चुके हैं। दिलचस्प यह है कि बात नोटिस से आगे बढ़ी ही नहीं और अफसर इस कारखाने पर बकाया करीब ९० करोड़ रुपये में से एक रुपये भी नहीं वसूल सके हैंं। जाहिर है, बिना संरक्षण यह घोटाला हो ही नहीं सकता।
साय सरकार में शराब घोटाले पर काफी सख्त कार्रवाई की गई है और अब तक जांच के बाद गिरफ्तारियों का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। सरकार ने किसी तरह के भ्रष्टाचार या लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। इसके विपरीत बीते २७ सालों से कोटा विकासखंड की रतनपुर तहसील के डेरकाबांधा में वेलकम डिस्टलरी में पानी घोटाला चल रहा है। इस तीन दशक की अवधि में अधिकारी केवल नोटिस जारी करते रहे और नोटिस की संख्या भी ३२७ पहुंच चुकी है। मजे की बात यह है कि नोटिस के साथ अफसर अपने उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन भी मांगते रह गए, मगर मजाल कि डिस्टलरी से एक रुपये भी वसूल सकें। अफसर अपने बचाव में यही कह रहे कि प्रक्रिया चल रही है। अब उनसे कोई पूछे कि २७ साल में भी प्रक्रिया जहां की तहां क्यों खड़ी हुई है।