KVK रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के अधीन संचालित सभी कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) के अधिकारियों/कर्मचारियों की हड़ताल स्थगित हो गई है। यह हड़ताल वेतन विसंगति, अपूर्ण वेतन भुगतान और वैधानिक सेवा-लाभों की बहाली की मांग को लेकर किया जा रहा था। हड़ताल के चौथे दिन कुलपति की तरफ से संघ को भेंट-वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया। वार्ता के दौरान लंबित मुद्दों के समयबद्ध, ठोस और स्थायी समाधान के लिए दिए गए मौखिक आश्वासन के आधार पर विराम दिया गया है।
संघ द्वारा पूर्व में प्रेषित ज्ञापन में यह स्पष्ट किया गया था कि KVK अधिकारियों/कर्मचारियों के वेतन एवं सेवा-लाभों के संबंध में ICAR के मूल दिशा-निर्देश (1997), जिनके अनुसार 75% (Pay+DA+HRA) का अंशदान परिषद द्वारा एवं शेष 25% दायित्व मेजबान विश्वविद्यालय का है।
साथ ही केन्द्रीय मंत्री/सचिव स्तर के पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि समझौता ज्ञापन के अनुसार सभी अतिरिक्त भत्ते, सेवानिवृत्ति उपरांत लाभ, चिकित्सा भत्ता इत्यादि का वित्तीय भार मेजबान संथा द्वारा वहन किया जाए एवं कृषि विज्ञान केंद्र के कर्मचारियों को भी मेजबान संस्था के अन्य कर्मचारियों की तरह दिये जाने वाले विशेषाधिकारों, सुविधाओं आदि का लाभ दिया जाए तथा माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश एवं विश्वविद्यालय द्वारा उक्त न्यायालयीन आदेश के अनुपालन मे जारी आदेश (आदेश क्र. 1520 दिनांक 07.08.2025) विद्यमान हैं। इसके बावजूद विगत अवधि में वेतन एवं वैधानिक लाभों का समुचित भुगतान न होने से कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक एवं मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
1. GPF/NPS लाभों की पूर्ण बहाली विश्वविद्यालय विनियमों के अनुसार।
2. चिकित्सा एवं अन्य वैधानिक भत्तों को सभी कर्मचारियों हेतु समान रूप से पुनः लागू करना।
3. CAS एवं उच्च वेतनमान योजनाओं की बहाली कर निष्पक्ष करियर उन्नति सुनिश्चित करना।
4. नियुक्ति आदेश एवं विश्वविद्यालय अधिनियम-1987 के अनुरूप KVK कर्मचारियों को सभी समतुल्य सेवा-लाभप्रदान करना।
5. सेवानिवृत्ति आयुः तकनीकी कर्मचारियों हेतु 65 वर्ष एवं गैर-तकनीकी हेतु 62 वर्ष निर्धारित करना।
6. सेवानिवृत्ति उपरांत समस्त लाभ पेंशन, ग्रेच्युटी, पारिवारिक पेंशन एवं चिकित्सा सुविधा पूर्णतः प्रदान करना।
7. KVK कर्मियों को पूर्ववत उच्च शिक्षा की अनुमति पुनः प्रदान करना।
राज्य शासन को किए जाने वाले सभी पत्राचार और वार्तालाप के लिए गठित की गई छह सदस्यीय समिति में संघ के प्रतिनिधियों को सम्मिलित किया गया।
KVK में वेतन विसंगति से संबंधित 7-सूत्रीय मांगों के पूर्ण और स्थायी समाधान के लिए विश्वविद्यालय की तरफ से विश्वविद्यालयीन मद से वहन किए जाने के संबंध में
राज्य शासन से सहमति (Concurrence) प्राप्त करने के लिए 22 मार्च, 2026 तक समयबद्ध, निर्णायक, लिखित एवं क्रियान्वयन योग्य कार्यवाही सुनिश्चित करने की मांग पर भी सहमति जताई गई।
ज्ञात हो कि KVK से संबंधित विषयों पर प्रभावी समन्वय हेतु विशेष कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी (OSD) के रूप में संघ के एक प्रतिनिधि को विश्वविद्यालय में नामित किये जाने सम्बंधी तीसरे प्रमुख मांग को विश्वविद्यालय द्वार खारिज कर दिया गया।
अतः संघ ने यह निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासन के आश्वासन एवं सकारात्मक पहल के आधार पर लिया है, ताकि संवाद और सहमति के माध्यम से कर्मचारियों के वैधानिक एवं न्यायोचित अधिकारों की बहाली सुनिश्चित हो सके। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समयसीमा में अपेक्षित निर्णय एवं कार्यवाही पूर्ण नहीं होती है तो संघ पुनः आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होगा प्रशासनिक, वित्तीय, शैक्षणिक एवं प्रसारगत अव्यवस्थाओं की पूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। जिसकी
संघ यह स्पष्ट करता है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं अनुशासित रहा है तथा किसानों एवं कृषि-विस्तार सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव से बचने के उद्देश्य से हड़ताल स्थगित की गई है। संघ को पूर्ण विश्वास है कि माननीय कुलपति महोदय के आश्वासन के अनुरूप समयबद्ध समाधान शीघ्र प्राप्त होगा और KVK की सेवाएँ पूर्ण क्षमता के साथ निर्बाध रूप से संचालित होंगी।