laghu vetan रायपुर। छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ के लंबे संघर्ष के बाद ईपीएफ कटौती का आदेश जारी हो गया है। संघ ने इसका का स्वागत करते हुए बाकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
छत्तीसगढ़ लघु वेतन शासकीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री योगेश चौरे के नेतृत्व में 29 जुलाई को लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रमुख अभियंता को 6 सूत्रीय मांगों के संदर्भ में दिया गया ज्ञापन, एक बार फिर चर्चा का केंद्र बन गया है।
संघ ने पूर्व में 29/7/25 के तहत प्रमुख अभियंता को ज्ञापन सौंपा था, जिसमें मुख्य रूप से निम्न प्रमुख मांगें शामिल थीं—
1. 1984 के कार्यभारित/आकस्मिक निधि नियम के अनुसार 3 वर्ष पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को समिति गठन कर कार्यभारित कर्मचारी की भांति नियमित वेतनमान प्रदान किया जाए।
2. लोक निर्माण विभाग में शासन के वित्त निर्देश अनुसार ईपीएफ कटौती अनिवार्य रूप से लागू की जाए।
3. अन्य चार सूत्रीय लंबित मांगें भी तत्काल निराकरण हेतु प्रस्तुत की गई थीं।
पूर्व में कार्रवाई न होने पर संघ ने 13/10/2025 को रिमाइंडर ज्ञापन भी सौंपा था, जिसमें 13/11/2025 तक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया था। आंदोलन की चेतावनी भी दी गई थी।
लोक निर्माण विभाग ने एक मांग पर सुनाई—ईपीएफ कटौती का आदेश जारी
संघ के लगातार प्रयासों के बाद 11/11/2025 को प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग द्वारा ईपीएफ कटौती संबंधी आदेश जारी किए गए।
कई संभागीय कार्यपालन अभियंताओं द्वारा तत्काल कटौती भी प्रारंभ कर दी गई है।
लेकिन गंभीर आपत्ति : PWD ने आदेश में यह लिखा है कि “केवल 16/06/2017 तक या उससे पूर्व कार्यरत कर्मचारियों का ही ईपीएफ कटौती किया जाए।” जबकि वित्त निर्देश, छत्तीसगढ़ शासन, दिनांक 12/07/2017 के अनुसार— कटौती सभी शासकीय दैनिक वेतनभोगी, श्रमिक, कुशल, अकुशल, आकस्मिक, कार्यभारित, ठेका पद्धति, आउटसोर्सिंग सहित सभी कर्मचारियों पर अनिवार्य है।
PWD द्वारा 2017 की सीमा लागू करना शासन आदेश का उल्लंघन है। संघ इसका कड़ा विरोध करेगा और संशोधित ज्ञापन मुख्य अभियंता को पुनः सौंपेगा।
संघ के निरंतर संघर्ष के बाद जल संसाधन विभाग, सिहावा भवन के प्रमुख अभियंता ने दिनांक 12/09/2025 को ईपीएफ कटौती लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
यह निर्णय भी संघ के दीर्घकालिक सतत प्रयास का परिणाम है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHED) में भी ईपीएफ एवं तृतीय समयमान लंबित
संघ ने PHED विभाग में— ईपीएफ कटौती, कार्यभारित कर्मचारियों को तृतीय समयमान देने के लिए ज्ञापन सौंपा है।
यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो संघ उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगा।
1. PWD में 2017 की सीमा हटाई जाए और
2. वर्तमान में कार्यरत सभी कर्मचारियों (2017 के बाद नियुक्त) का भी ईपीएफ कटौती तत्काल शुरू हो।
3. अन्य चार सूत्रीय लंबित मांगों पर तुरंत निर्णय लिया जाए।
संघ प्रमुख अभियंता सहित छत्तीसगढ़ शासन का आभार प्रकट करता है कि एक महत्वपूर्ण मांग पर सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लिया गया है, और आशा करता है कि शेष मांगों पर भी शीघ्र सकारात्मक निर्णय होगा।