loan book छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला: जमीन की रजिस्ट्री के लिए ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता खत्‍म

schedule
2025-10-17 | 17:12h
update
2025-10-17 | 17:40h
person
chaturpost.com
domain
chaturpost.com

loan book  रायपुर। छत्तीसगढ़ पंजीयन विभाग ने एक महत्वपूर्ण जनहितैषी निर्णय लेते हुए कृषि भूमि की खरीदी-बिक्री (रजिस्ट्री) के लिए ऋण पुस्तिका (किसान किताब) प्रस्तुत करने की अनिवार्यता समाप्त कर दी है। यह निर्णय किसानों और आम नागरिकों दोनों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।

सरल, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त प्रक्रिया

अब रजिस्ट्री की प्रक्रिया और अधिक सरल, पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त होगी। यह निर्णय दिवाली पर प्रदेशवासियों के लिए शासन की ओर से एक बड़ी सौगात है।

ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता समाप्त

यह आदेश मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल और वित्त एवं पंजीयन मंत्री  ओ पी चौधरी के निर्देश पर जारी किया गया है। इससे किसानों और नागरिकों को रजिस्ट्री से जुड़ी जटिलताओं से राहत दिलाने हेतु राज्य शासन ने ऑटो म्यूटेशन प्रणाली में सुधार करते हुए ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता समाप्त कर दी है, जिससे पूरी प्रक्रिया अब और अधिक सरल, पारदर्शी और त्वरित हो गई है।

तकनीकी समन्वय और समाधान

राजस्व विभाग के ऑनलाइन रिकॉर्ड अब पंजीयन सॉफ्टवेयर से पूर्ण रूप से एकीकृत हो चुके हैं। अब रजिस्ट्री के लिए आवश्यक सभी डेटा, दस्तावेज और सत्यापन जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहती है।  राज्य शासन ने पंजीयन प्रक्रिया को 100′ डिजिटल सत्यापन प्रणाली में परिवर्तित कर दिया है, जिससे किसी भी स्तर पर मानवीय हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं रहेगी।

loan book  सुशासन की दिशा में नवाचार

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सरल शासन सुशासन की दिशा में लगातार नवाचार कर रही है। पंजीयन विभाग की यह पहल उसी श्रंखला का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को सुविधाजनक, पारदर्शी और समयबद्ध सेवा प्रदान करना है।  ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता समाप्त करना न केवल प्रक्रिया को सरल बनाता है, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही और जनविश्वास को भी सशक्त बनाता है।

पटवारी और तहसील कार्यालय का चक्कर खत्म

इस निर्णय से अब नागरिकों को अनावश्यक दस्तावेज़ प्रस्तुत करने की बाध्यता से मुक्ति मिलेगी। रजिस्ट्री प्रक्रिया में समय और धन दोनों की उल्लेखनीय बचत होगी तथा दफ्तरों, पटवारी और तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। इससे न केवल भ्रष्टाचार की संभावनाओं पर पूर्ण विराम लगेगा, बल्कि पंजीयन प्रणाली और अधिक पारदर्शी, त्वरित तथा जवाबदेह बनेगी, जो सुशासन और नागरिक सुविधा की दिशा में एक बड़ा कदम है।

loan book  दिवाली पर सुशासन और पारदर्शिता की नई रोशनी

राज्य सरकार ने इस निर्णय के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया है कि शासन केवल एक नहीं, बल्कि अपने नागरिकों के जीवन और उत्सवों में सहभागी एक आत्मीय परिवार है। यह कदम पंजीयन व्यवस्था में सुधार का प्रतीक ही नहीं, बल्कि दिवाली पर सुशासन और पारदर्शिता की नई रोशनी भी है।

प्रदेश सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को सरल, पारदर्शी और त्वरित सेवाएँ प्रदान करना है। कृषि भूमि की रजिस्ट्री के लिए ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता समाप्त करना इसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह निर्णय किसानों और आम नागरिकों दोनों के लिए राहतकारी सिद्ध होगा तथा पंजीयन प्रक्रिया को पूर्णत: डिजिटल, भ्रष्टाचार-मुक्त और जवाबदेह बनाएगा। उन्होंने कहा कि शासन केवल व्यवस्था नहीं, बल्कि अपने नागरिकों के जीवन और उत्सवों में सहभागी एक आत्मीय परिवार है। दिवाली के अवसर पर यह निर्णय जनता के प्रति इसी आत्मीयता और सुशासन की भावना का प्रतीक है।

 विष्णु देव साय,  मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन की प्राथमिकता जनता के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक सरल, त्वरित और पारदर्शी बनाना है। कृषि भूमि की रजिस्ट्री में ऋण पुस्तिका की अनिवार्यता समाप्त करना इसी दिशा में एक ऐतिहासिक सुधार है।राज्य सरकार ने तकनीकी एकीकरण और डिजिटल सत्यापन के माध्यम से पंजीयन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन बना दिया है, जिससे अब न केवल समय और धन की बचत होगी बल्कि भ्रष्टाचार की संभावनाएँ भी समाप्त होंगी। यह निर्णय किसानों और आम नागरिकों दोनों के लिए राहत देने वाला है और यह दर्शाता है कि सरकार सुशासन को व्यवहार में उतारने के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है।

ओपी चौधरी  वित्त एवं पंजीयन मंत्री

chatur postOctober 17, 2025
271 3 minutes read
Follow Us
Imprint
Responsible for the content:
chaturpost.com
Privacy & Terms of Use:
chaturpost.com
Mobile website via:
WordPress AMP Plugin
Last AMPHTML update:
04.03.2026 - 05:15:46
Privacy-Data & cookie usage: