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LPG छत्‍तीसगढ़ में गैस की किल्लत पर गरमाया सदन: कांग्रेस विधायकों का सदन में हंगामा, निलंबित हुए 35 विधायक

LPG  रायपुर। छत्‍तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज रसोई गैस की किल्‍लत का मामला उठा। कांग्रेस विधायकों ने गैस की किल्‍लत का मुद्दा उठाते हुए इस पर जमकर हंगामा किया और नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में पहुंच गए। इसकी वजह से कांग्रेस के सभी 35 विधायक निंलबित कर दिए गए। हंगामा इतना बढ़ गया कि सभापति को सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्‍थगित करनी पड़ी।

शून्‍यकाल में उठा मामला

विधानसभा के बजट सत्र के 9वें दिन गुरुवार को सदन में गैस की किल्‍लत का मुद्दा उठा। विपक्ष की तरफ से इस विषय पर स्‍थगन प्रस्‍ताव की सूचना दी गई थी। विपक्ष ने प्रस्‍ताव को स्‍वीकार कर चर्चा कराने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने पूछा कि मुख्यमंत्री विष्‍णुदेव साय ने युद्ध के कारण गैस की कमी नहीं होने का आश्वासन दिया था, लेकिन गैस की किल्लत शुरू हो गई है।

यह केंद्र का विषय, यहां चर्चा नहीं होगी

डॉ. चरणदास महंत ने जैसे ही यह विषय उठाया भाजपा के विधायक अजय चंद्राकर ने इस पर कहा कि यह मुद्दा राज्य का नहीं है, इसकी चर्चा यहां नहीं होनी चाहिए। 

व्‍यवस्‍था राज्‍य सरकार को करनी होगी

अजय चंद्राकर के इस बयान पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मुद्दा भले ही केंद्र का है, लेकिन व्यवस्था तो राज्य सरकार को देनी होगी। राज्य की जनता परेशान हो रही रही है।

सदन में हुआ जमकर हंगामा

इसके साथ ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। सत्‍ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों के बीच नोंकझोक शुरू  हो गई। आसंदी की तरफ से मामला शांत कराने की कोशिश की गई, लेकिन सदस्‍य जब नहीं माने तो कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्‍थगित कर दी गई।

सड़कों पर लाइन में खड़े हैं लोग

सदन की कार्यवाही पांच मिनट बाद शुरू हुई तब भी सदन इसी विषय पर गरमाया रहा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने कहा अजय चंद्राकर के घर खाना बन रहा हैं, ये केंद्र का विषय है। कालाबाजारी हो रही है, लोग सड़कों पर लोग लाइन में गैस के लिए सड़क में खड़े हैं।

बिना गैस कैसे खाना बनेगा

पूर्व मुख्‍यमत्री भूपेश बघेल ने कहा व्यवसायिक गैस तो बंद कर दिया गया है, शादी का सीजन है, बिना गैस के खाना नहीं बन सकता है। हम सभी को गैस सिलेंडर की ज़रूरत है सभी लोग चिंतित हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसका प्रभाव है, लेकिन हमें अपने राज्य की समस्या पर चर्चा करना चाहिए।

नारेबाजी करते गर्भगृह में पहुंचे कांग्रेसी

इस पर विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव की मांग की, लेकिन आसंदी से स्थगन की अनुमति नहीं मिलने पर विपक्षी सदस्य गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। गर्भगृह में प्रवेश करने के साथ कांग्रेस के 35 सदस्य स्वमेव निलंबित हो गए।

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