Mahanadi Jal Vivad नई दिल्ली। महानदी के जल को लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने की कोशिश तेज हो गई है। इसको लेकर आज नई दिल्ली में दोनों राज्या के अफसरों की बैठक हुई।
दोनों राज्यों के बीच वर्षों से चल रहे इस जल विवाद का समाधान निकालने के लिए बातचीत की पहल की गई है। नई दिल्ली में हुई इस बैठक में दोनों राज्यों में स्वीकार किया कि जल विवाद बहुत पुराना और कठिन है।
नई दिल्ली में हुई इस बैठक में दोनों राज्यों के मुख्य सचिव के साथ जल संसाधन विभाग के सचिव शामिल हुए। अफसरों ने दोनों राज्यों और वहां की जनता के व्यापक हित में मिल बैठकर समस्या का समाधान निकालने पर बात कही है।
बता दें कि छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन आठ दिन की विदेश यात्रा के बाद शुक्रवार की रात में नई दिल्ली पहुंचे हैं। यहां पहुंचते ही वे नई दिल्ली में इस इस बड़ी बैठक में शामिल हुए।
नई दिल्ली में दोनों राज्यों के अफसरों की हुई इस बैठक में अगले महीने यानी सितंबर से दोनों राज्यों की बैठक हर सप्ताह कराने का निर्णय लिया गया है। दोनों राज्य इसके लिए टीम बनाएंगे। इस टीम में इंजीनियर और विशेषज्ञ शामिल किए जाएंगे, यह तकनीकी टीम कह लाएगी।
सितंबर में तकनीकी समिति की चार बैठकों के बाद अक्टूबर में दोनों राज्यों के मुख्य सचिव फिर मुलाकात करेंगे। अफसरों के बीच हुई ये बैठकें सकारात्मक रही तो दिसंबर में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री इसी मुद्दें पर मिल सकते हैं।
इस बैठक में दोनों राज्यों के अफसरों ने महानदी जल विवाद को निपटाने के लिए ईमानदारी और खुलेमन से प्रयास और बातचीत करने का वादा किया है।
बता दें कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद से पहली बार छत्तीसगढ़ और ओडिशा में एक ही पार्टी की सरकार है। इससे पहले छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस की सरकारें रहीं है, फिर यहां भाजपा की सरकार है। वहीं, ओडिशा में अब तक बीजद की सरकार थी। पहली बार वहां भाजपा की सरकार बनी है।
A महानदी छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला से निकलती है।
A महनदी की कुल लंबाई 851 किलो मीटर है।
A महानदी ओडिशा में करीब 494 किलोमीटर बहती है।