Mahasangh रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली कंपनियों में काम करने वाले संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की मांग तेज होने लगी है। छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी महासंघ ने इस मांग को लेकर आरपार की लड़ाई का मन बना दिया है। महासंघ की बुधवार को हुई बैठक में इसकी रणनीति तैयार की गई।
बिजली कर्मचारी महासंघ की बैठक में 29 अगस्त को प्रदर्शन करने का फैसला किया गया है। महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि 29 अगस्त को दोपहर में कलेक्टोरेट में प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद शाम पांच बजे गुढि़यारी स्थित बिजली कंपनी के क्षेत्रीय कार्यालय के सामने गेट के सामने प्रदर्शन किया जाएगा।
महासंघ के नेताओं ने बताया कि भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ और छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ के निर्णय अनुसार 29 अगस्त को देशभर में बिजली कर्मचारी प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शन राष्ट्रीय और प्रदेश की बिजली समस्याओं पर केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान आकृष्ट करने के लिए किया जाएगा।
29 अगस्त को देश के सभी जिला मुख्यालयों में धरना प्रदर्शन होगा। इस दौरान केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंप कर बिजली कर्मचारियों की समस्याओं से अगवत कराया जाएगा। जिला प्रशासन को केंद्रीय ऊर्ज़ा मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
छत्तीसगढ़ में प्रदेश स्तरीय प्रमुख मांगों में संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए आरपार की लड़ाई छेड़ने का निर्णय लिया गया है। साथ ही तकनीकी कर्मचारियों को 3% तकनीकी भत्ता, पुरानी पेंशन बहाली सहित अन्य मांगे शामिल होंगी ।
महासंघ की यह बैठक परमेश्वर कन्नौजे की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इस बैठक में अरुण देवांगन, केमल वर्मा, कोमल देवांगन, पूरन दास कठुरे, अचिंत कुमार बारई, किशोर गुप्ता और नरेश राव उपस्थित थें। बैठक में विरोध कार्यक्रम में शहर के सभी कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई ।