Mahasangh रायपुर। छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ ने अपनी मांगों को लेकर जिस आंदोलन की शुरुआत की है, उसमें पूरे प्रदेश के बिजली अधिकारी एवं कर्मचारी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
पुरानी पेंशन बहाली, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण तथा अन्य महत्वपूर्ण मांगों को लेकर महासंघ ने एकजुट होकर संघर्ष का बिगुल बजाया है। इस आंदोलन में हर वर्ग के कर्मचारी समान भाव से भाग ले रहे हैं और इसे सफल बनाने में भरपूर सहयोग कर रहे हैं।
1 सितम्बर से 30 सितम्बर तक चल रहे जनजागरण अभियान में महासंघ के पदाधिकारी एवं सदस्य लगातार प्रत्येक कार्यालय, जोन, वितरण केंद्र और उपकेंद्र का दौरा कर कर्मचारियों को आंदोलन की आवश्यकता और महत्ता से अवगत करा रहे हैं।
इस अभियान के तहत कर्मचारियों में नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार हो रहा है। प्रत्येक स्थान पर मिल रहे सहयोग और समर्थन से यह स्पष्ट हो रहा है कि पूरा बिजली परिवार अपनी जायज़ मांगों के लिए संगठित होकर संघर्ष के लिए तैयार है।
आंदोलन का दूसरा चरण 1 से 8 अक्टूबर तक काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का होगा। यह चरण सरकार और प्रबंधन को यह संदेश देगा कि कर्मचारियों की आवाज़ को अब नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता।
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि इसके बाद 9 अक्टूबर को रायपुर डंगनिया स्थित पावर कंपनी मुख्यालय में विशाल रैली और आमसभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रदेशभर से हजारों कर्मचारी शामिल होकर अपनी ताकत का परिचय देंगे।
तेज बिलासपुर में भी आंदोलन की गूंज तेज़ है। प्रदेश अध्यक्ष संजय कुमार तिवारी के नेतृत्व में यहां के कार्यकर्ता लगातार अभियान में जुटे हैं।
महासंघ के अनुसार सभी कार्यकर्ताओं का उत्साह इस आंदोलन को और मज़बूती प्रदान कर रहा है। निस्संदेह, यह संघर्ष केवल कर्मचारियों की मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके भविष्य और अधिकारों की सुरक्षा का भी प्रतीक है। सभी का भरपूर सहयोग इस आंदोलन को ऐतिहासिक सफलता दिलाएगा