Site icon Chatur Post

Mainpat यहां बादलों को छू सकते हैं आप, इसे कहते हैं छत्‍तीसगढ़ का शिमला

Mainpat यहां बादलों को छू सकते हैं आप, इसे कहते हैं छत्‍तीसगढ़ का शिमला

Mainpat रायपुर। छत्‍तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भू-भाग वन क्षेत्र है। राज्‍य को प्रकृति ने बहुमूल्‍य खनिज संपदा के साथ ही मानोरम स्‍थान भी दिया है। बस्‍तर से लेकर सरगुजा तक सैकड़ों अनोखे पर्यटन स्‍थल हैं। इन्‍ही में एक मैनपाट भी है। इसे छत्‍तीगसढ़ का शिमला भी कहते हैं। यहां बर्फ की नहीं आप बादलों को भी छू सकते हैं।

जानिए- कहां है छत्‍तीसगढ़ का शिमला

छत्‍तीसगढ़ का शिमला कहा जाने वाला मैनपाट सरगुजा संभाग में है। ठंड के दिनों में मैनपाट का तापमान शून्‍य से नीचे चला जाता है। मैनपाट की वादियों में बर्फ की चादर बिछ जाती है। इससे वहां की खूबसूरती और भी बढ़ जाती है। छत्‍तीसगढ़ के इस हिल स्‍टेशन में घुमने के लिए देश- विदेश से भी पर्यटक आते हैं।

Mainpat में क्‍या-क्‍या है घुमने और देखने लायक

मैनपाट ऊंची पहाड़ी पर है। वहां बौद्ध मंदिर है। वहां बड़ी संख्‍या में तिब्‍बती रहते हैं। उल्‍टा पानी और टाइगर प्‍वाइंट मैनपाट की पहचान हैं। जलजली और चाय बगान के साथ वहां की प्राकृति पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। वहां आलू की खेती होती है। मैनपाट में बाक्‍साइड का भंडार भी है।

विन्‍ध्‍य पर्वत का हिस्‍सा

मैनपाट पहाड़ी क्षेत्र है। यह विन्‍ध्‍य पर्वत श्रृखंला का हिस्‍सा है। समुद्र तल से इसकी ऊंचाई तीन हजार 781 फीट है। इसकी कुल लंबाई 28 किलो मीटर है, जबकि चौड़ाई 10 से 13 किलो मीटर तक है।

Mainpat  जानिए- छत्‍तीसगढ़ में कहां है मिनी तिब्‍बत

मैनपाट को मिनी तिब्‍बत भी कहते हैं। वहां बड़ी संख्‍या में तिब्‍बती शरणार्थी रहते हैं। 1962 में करीब तीन हजार तिब्‍बती यहां आए थे। आज वहां करीब साढ़े चार सौ से ज्‍यादा तिब्‍बती परिवार अलग-अलग कैंपों में रहते हैं।

कैसे पहुंचे मैनपाट

संभागीय और जिला मुख्‍यालय सरगुजा (अंबिकापुर) से मैनपाट की दूरी लगभग 75 किलो मीटर है। अंबिकापुर से सड़क मार्ग से मैनपाट पहुंच सकते हैं। अंबिकापुर से मैनपाट जाने के दो रास्‍ते हैं। एक सीतापुर होकर और दूसरा दरिमा के रास्‍ते। दोनों ही रास्‍ते प्राकृतिक नजारों से भरपूर है।

मैनपाट के लिए ट्रेन

मैनपाट का नजदीकी रेलवे स्‍टेशन अंबिकापुर है। अंबिकापुर के लिए दुर्ग से प्रतिदिन इंटरसिटी एक्‍सप्रेस चलती है, जो दुर्ग, रायपुर, भाटपारा और बिलासपुर के रास्‍ते अंबिकापुर पहुंचती है। शहडोल और जबलपुर से भी अंबिकापुर के लिए ट्रेन मिलती है।

मैनपाट के लिए विमान सेवा

अंबिकापुर के दरिमा स्थित महामाया एयरपोर्ट मैनपाट का नजदीकी एयरपोर्ट है, लेकिन वहां से नियमिति विमान सेवा नहीं है। ऐसे में रायपुर या बिलासपुर एयरपोर्ट तक ही विमान से पहुंचा जा सकते है। इसके बाद सड़क या रेल मार्ग से वहां जाना पड़ेगा।

मैनपाट की दूरी

अंबिकापुर से 75 किमी

रायपुर से 336 किमी

बिलासपुर से 249 किमी

दुर्ग से 400 किमी

रायगढ़ से 170 किमी कोरबा से 160 किमी  

Exit mobile version