Malaria रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकार ने 25 जून से बढ़ा अभियान चलाने का फैसला किया है। इस अभियान के दौरान सरकारी अमला राज्य के 10 जिलों में करीब 17 लाख लोगों के पास जाएगा। सरकारी अमला लोगों ने मिलकर उनका टेस्ट करेगा।
राज्य सरकार ने इस अभियान के लिए दो हजार दो सौ 35 सर्वे दलों का गठन किया है। यह अभियान राज्य के 10 जिलों के 36 विकास खंडों में चलाया जाएगा। अभियान के दौरान सरकारी सर्वे दल 25 सौ 27 गांवों और छह सौ 59 उप स्वास्थ्य केंद्रों में जाएगा।
छत्तीसगढ़ में 25 जून से सरकार को जो अभियान शुरू हो रहा है, वह मलेरिया जांच का अभियान है। सर्वे टीम चिन्हित 10 जिलों के गांवों में जाकर एक-एक व्यक्ति की जांच करेगी।
इस दौरान मलेरिया से बचाव के उपाय भी लोगों को बताए जाएंगे। मलेरिया पॉजिटिव पाए जाने वालों को उपचार भी उपलब्ध कराया जाएगा। यह अभियान राज्य के सर्वाधिक मलेरिया प्रभावित बस्तर संभाग के सभी जिलों के साथ ही आसपास के जिलों में चलाया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में मलेरिया के मामलों में कमी आई है। बस्तर संभाग कभी मलेरिया से सर्वाधिक प्रभावित रहता था, लेकिन पिछले कुछ सालों में सरकार की तरफ से किए गए प्रयासों के कारण इसमें तेजी से कमी आई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में मलेरिया के मामलों में 2015 की अपेक्षा 2024 में 72 प्रतिशत की कमी आई है। बस्तर में मलेरिया वार्षिक परजीवी सूचकांक (API) 7.11 पर आ गया है, जबकि पहले यह 27.40 था।
छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। राज्य सरकार ने 2027 तक राज्य में मलेरिया के आंकड़ों को जीरो करने का लक्ष्य है। इसी लक्ष्य को लेकर 2015 से अब तक हर साल मानूसन के दौरान मलेरिया की रोक-थाम के लिए अभियान चलाया जाता है।