Meter reader अनिश्चितकालीन हड़ताल का नोटिस: मीटर रीडरों पर जानलेवा हमले, CSPDCL प्रबंधन की खामोशी से बढ़ी नाराजगी

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Meter reader  रायपुर। बिजली मीटरों ने कंपनी प्रबंधन पर अनदेखी का आरोप लगाया है। स्पॉट बिलिंग एवं मीटर रिडिंग श्रमिक ठेका कर्मचारी महासंघ ने कार्यपालक निदेशक को ज्ञापन सौंपकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।

मीटर रीडर संघ के प्रातीय अध्यक्ष देवलाल पटेल, उपाध्यक्ष सतीश सोनबेर, सचिव नरेंद्र पाटले, सह सचिव प्रवेश जोगी, कोषाध्यक्ष झुमुक लाल साहू, सलाहकार राजेश साहू और नत्थूराम प्यासी ने बताया कि महासंघ की तरफ से तीन मांगों को लेकर प्रबंधन का लगातार ध्यान आकर्षित किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।

यह है प्रमुख समस्या

1. बिजली दर की वृद्धि तथा छूट खत्म होने की वजह से मीटर रीडरों के साथ गाली गलौज एवं मारपीट की सम्भावना है।

2. मीटर रीडरों का भुगतान बहुत देरी से होता है।

3. मीटर रीडरों को परिचय पत्र नहीं दिया गया है।

मीटर रीडरों पर लगातार हो रहे हमले

पहली घटना: कर्मचारी नेताओं ने बताया कि बिलासपुर क्षेत्र में बरतोरी वितरण केंद्र में हई थी। जिसमें बिल ज्यादा आने को लेकर एक उपभोक्ता ने चापड़ से मीटर रीडर पर हमला किया गया, इसकी जानकारी पत्र के माध्यम से (पत्र क्रमांक 174) प्रबंधन और क्षेत्रीय कार्यालयों (पत्र क्रमांक 176 / 177) में दी गई थी, मगर बिल्हा उप संभाग के सहायक यंत्री के द्वारा उक्त घटना में रूचि नहीं लिए जाने की वजह से उस उपभोक्ता के उपर कोई विशेष कार्यवाही नहीं हुई।

दूसरी घटना नगर सभाग एक के अंतर्गत सिरगिट्टी जोन में हुई, जिसमें उपभोक्ता ने मीटर रीडर के साथ मारपीट किया। मीटर रीडर अपनी जान बचाने के लिए दूसरे उपभोक्ता के घर छिपा रहा, तब जाकर उसकी जान बची। इस घटना में भी सहायक यंत्री सिरगिट्टी जोन द्वारा कोई रुचि नहीं दिखाई, जिसकी वजह से अभी भी उक्त उपभोक्ता के हौसले बुलंद है, यह खुलेआम और मारपीट करुंगा कहता है।

इसके उपरांत तीसरी घटना पेंड्रा डिवीजन के चपोरा वितरण केंद्र में हुई, वहां तीन लोगों ने मिलकर मीटर रीडर के साथ मारपीट की, वहां भी वितरण कंपनी की तरफ से कोई विशेष कार्यवाही नहीं की गई।

2. संगठन की तरफ से लगातार यह जानकारी दी जाती रही है कि मीटर रीडरों की भुगतान प्रक्रिया काफी लंबी जटिल और थका देने वाली है। प्रबंधन के द्वारा भुगतान संबंधी जो भी दिशा निर्देश मैदानी कार्यालयों को जारी किया जाता है, उस पर मैदानी कार्यालयों द्वारा कोई रूचि नहीं लिया जाता है।

मीटर रीडरों का भुगतान हमेशा लंबित रहता है। सबसे ज्यादा भयावह स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में है। जहां एक माह से लेकर छह माह तक के देयक भी लंबित है। ऐसी स्थिति से निजात पाने के लिए संगठन मीटर रीडरों के साथ मिलकर योजना बना ही रहा था की अचानक पुनरीक्षित दर की एक नई समस्या आ खड़ी हुई है, प्रबंधन ने 25 सितंबर 2025 को पत्र क्रमांक 669 के माध्यम से मीटर रीडिंग की नवीन दर निर्धारित की गई है, साथ ही यह नवीन दर 01 अगस्त 2025 से लागु की गई है।

जैसा की विदित है मीटर रीडर्स एक माह पीछे कार्य करते हैं, यदि अगस्त की बात करें तो उक्त माह में मीटर रीडरों के द्वारा जुलाई 2025 की बिलिंग की जाती है और सितंबर में माह अगस्त की बिलिंग की जाती है। जब तक यह पत्र आया तब तक अगस्त माह में जुलाई की बिलिंग और सितम्बर माह में अगस्त की बिलिंग रीडरों के द्वारा की जा चुकी थी।

इस आधार पर सितंबर की बिलिंग जो अक्टूबर में किया जाता है, उसका देयक नवीन दर से बनाया गया और जहां पूर्व के दो माह का देयक प्रस्तुत हो चूका था वहां अंतर की राशि का देयक बनाकर पुन: देयक प्रस्तुत किया गया। वर्तमान में मैदानी अधिकारीयों के द्वारा यह जानकारी देकर मीटर रीडरों का देयक रोक दिया गया है कि बैठक में प्रबंध निदेशक ने देयक रोकने का निर्देश दिया है, क्योंकि बीओडी से उक्त पुनरीक्षित दर को मंजूरी नहीं मिली है।

3. मीटर रीडरों को परिचय पत्र जारी नहीं किया गया है, संगठन के द्वारा बार बार इस और ध्यानाकर्षित करने के बाद भी मैदानी कार्यालय तत्संबंध में रूचि नहीं ले रहे हैं।

मीटर रीडर्स के हितों की अनदेखी

उक्त घटनाक्रमों से स्पष्ट है की मैदानी कार्यालयों को मीटर रीडर्स के हितों से कोई वास्ता नहीं है। मीटर रीडर्स सिर्फ राजस्व प्राप्ति के श्रोत मानकर कार्य कराए जाते रहे हैं। लेकिन हर क्षेत्र में कार्यरत श्रमिक को इस देश का संविधान मौलिक अधिकार प्रदान करता है, चाहे वह पिस रेट में कार्यरत मीटर रीडर ही क्यों ना हो।

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प्रबंधन के दिशानिर्देशों का मैदानी कार्यालय द्वारा पालन ना किया जाना एक यक्ष प्रश्न है कि क्या प्रबंधन इतना कमजोर हो चूका है कि वितरण कंपनी के राजस्व के मुख्य आधार मीटर रीडरों के हितों की रक्षा नहीं कर पा रहा है। दूसरा यक्ष प्रश्न यह है की यदि नवीन पुनरीक्षित दर को बीओडी द्वारा मंजूरी नहीं दी गई है तो, उक्त परिपत्र जारी क्यों किया गया, जिससे मैदानी कार्यालयों को मीटर रीडरों को प्रताड़ित करने का सुनहरा अवसर मिल गया।

अत: प्रबंधन से करबद्ध निवेदन है की मामले की गंभीरता को समझते हुए मीटर रीडरों की सुरक्षा, भुगतान और परिचय पत्र के संबंध में अविलंब उचित कार्यवाही करने की कृपा करें। आवश्यक कार्यवाही नहीं होने की स्थिति में 01 जनवरी 2026 से समस्त मीटर रीडर अपने हितों की रक्षा के लिए अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल में जाने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी मैदानी कार्यालयों एवं प्रबंधन की होगी।

chatur postDecember 6, 2025
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