राजनीति

Mini Mata  अमित जोगी ने जलाया विधानसभा भवन के उद्घाटन का निमंत्रण पत्र: डॉ. महंत को पत्र लिखकर की अपील….

Mini Mata  रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रमुख अमित जोगी ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है। नवा रायपुर में बने नए विधानसभा भवन के नामकरण को लेकर नाराज अमित जोगी ने कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र जला दिया।

यह है अमित जोगी का अरोप

अमित जोगी ने निमंत्रण पत्र से मिनी माता का नाम हटाए जाने पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि कार्ड पर मिनी माता नाम न होना छत्तीसगढ़ की जनता और इतिहास का अपमान है।

जोगी ने विधानसभा भवन का रखा था नाम

अमित जोगी ने कहा कि उनके पित और राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने पुराने विधानसभा भवन का नाम मिनी माता के नाम पर रखा था। उन्होंने ऐसा दलित और नारी सशक्तीकरण व राज्य की अस्मिता के सम्मान में किया था।

Mini Mata  नया निमंत्रण पत्र जारी करने की मांग

अमित जोगी ने इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन ङ्क्षसह ने नया निमंत्रण पत्र जारी करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नए निमंत्रण पत्र पर मिनी माता विधानसभा भवन नया रायपुर लिखा जाए।

कार्यक्रम के बहिष्कार की चेतावनी

जनता कांग्रेस प्रमुख अमित जोगी ने इस मामले में सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि विधानसभा भवन का नाम मिनी माता के नाम पर नहीं किया गया तो सभी विधायक और पूर्व विधायक उद्घाटन कार्यक्रम का बहिष्कार करेंगे।

नेता प्रतिपक्ष को लिखा पत्र

विधानसभा भवन के नाम को लेकर अमित जोगी ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का बहिष्कार करने का निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।

प्रधानमंत्री कल करेंगे उद्घाटन

उल्लेखनीय है कि नया रायपुर में बनकर तैयार हुए विधानसभा के नए भवन का शनिवार को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उद्घाटन करेंगे। विधानसभा परिसर में पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा।

Mini Mata  जानिए: कौन हैं मिनी माता

दलित समाज से आने वाली मिनी माता छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद चुनी गई थीं। उन्होंने रायपुर लोकसभा सीट से उप चुनाव 1955 में लड़ा था।  यह चुनाव मिनी माता के सांसद पति गुरु अगम दास  के निधन की वजह से हुआ था।

असम में हुआ था जन्म

मिनी माता का जन्म 1916 में असम के नागांव में हुआ था। उनका विवाह सतनामी पंथ के तत्कालीन गुरु अगम दास से 2 जुलाई 1930 में हुआ था।

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