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Mokpa Substation  मोकपा सब स्टेशन में आग: रिसाव, मेंटेनेंस या कुछ और…35 साल पुराने ट्रांसफार्मर में कैसे लगी आग? जांच शुरू

Mokpa Substation  बिलासपुर। छत्तीसगढ़ पावर कंपनी के मोकपा स्थित बड़े सब स्टेशन में सोमवार (05 जनवरी) को लगी आग में 160 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर पूरी तरह जलकर राख हो गया है। इससे पावर कंपनी को तगड़ा नुकसान हुआ है, नया ट्रांसफर्मार लगने तक उपभोक्ताओं को भी दिक्कत हो सकती है।

आग की जांच शुरू

पावर ट्रांसफार्मर में लगी इस आग को गंभीरता से लेते हुए कंपनी प्रबंधन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच की जिम्मेदारी प्रसन्ना गोसावी और आरके तिवारी को सौंपी गई है। इंजीनियर प्रसन्ना मुख्य अभियंता और तिवारी अतिरिक्त मुख्य अभियंता हैं।

टीम ने किया स्थल का निरीक्षण

कंपनी प्रबंधन की तरफ से गठित जांच टीम ने बुधवार को घटना स्थल का जायजा लिया। दोनों इंजीनियरों के साथ कार्यपालक निदेशक कल्पना घाटे भी घटना स्थल पहुंची। जांच टीम ने मौके का  बारीकी से निरीक्षण करने के साथ ही वहां के स्टाफ का बयान भी दर्ज किया है।

35 साल पुराना है ट्रांसफार्मर

कंपनी सूत्रों के अनुसार 160 एमवीए के जिस ट्रांसफार्मर में आग गली है, वह करीब 35 साल पुराना है। इसे 2005 में बिलासपुर मोकपा स्थित 220 केवी के सब स्टेशन में स्थापित किया गया था। इससे पहले 10 साल यह ट्रांसफार्मर कोरबा में स्थापित था।

आयल रिसाव व मेंटनेंस की कमी

ट्रांसफार्मर में आग को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। सूत्रों के अनुसार मेंटेनेंस की कमी को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है। दावा किया जा रहा है कि दिसंबर मध्य में इस ट्रांसफार्मर में ऑयल रिसाव की बात सामने आई थी। इसकी मरम्मत भी की गई, लेकिन वह पूरी तरह ठीक नहीं हुआ। आग लगने की सही वजह जांच के बाद ही सामने आ पाएगी।

अब भी सुलग रही आग

कंपनी के सूत्रों के अनुसार पावर ट्रांसफार्मर के अंदर आग अभी सुलग रही है। हजारों लीटर ऑयल जलने की वजह वह अब भी काफी गरम है। दावा किया जा रहा है कि ट्रांसफार्मर की लाइफ खत्‍म हो गई थी, फिर भी उसे खींचा जा रहा था।

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