Monsoon Session रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार से हो रही है। पांच दिन के इस सत्र के बेहद हंगामेदार होने की उम्मीद की जा रही है।
सत्र के दौरान सदन के अंदर की रणनीति बनाने के लिए दोनों ही प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने अपने विधायकों की बैठक बुलाई है।
भाजपा और कांग्रेस दोनों के विधायक दल की बैठक रविवार को प्रस्तावित है।
सत्तारुढ़ भाजपा विधायक दल की बैठक रविवार की शाम को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर होगी। इसमें मानसून सत्र के दौरान सदन के अंदर विपक्ष की तरफ से होने वाले हमलों का जवाब देने की रणनीति बनाई जाएगी। इस बैठक में भाजपा के विधायकों के साथ ही मुख्यमंत्री और सभी मंत्री रहेंगे। पार्टी संगठ्रन के नेता भी इसमें शामिल होंगे।
सदन में कांग्रेस की तरफ से होने वाले हर हमले का भाजपा की तरफ से आक्रामक अंदाज में उत्तर दिया जाएगा। इसके लिए सभी विधायकों को सदन में पूरी तैयारी के साथ आने के लिए कहा जाएगा। कांग्रेस की तरफ से सदन में उठाए जाने वाले संभावित सभी मुद्दों पर भाजपा की तरफ से जवाबी हमला होगा।
इधर, कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी रविवार को प्रस्तावित है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में पार्टी के सभी विधायक शामिल होंगे। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी शामिल हैं। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज भी मौजूद रह सकते हैं। पार्टी के नेताओं के अनुसार सभी विधायकों को बैठक में अनिवार्य रुप से पहुुंचने का निर्देश जारी कर दिया गया है।
मानसून सत्र से पहले ही कांग्रेस के हाथ दो बड़े मुद्दे लग गए हैं। सत्र के दौरान इन दोनों मुद्दों की गूंज प्रमुखता से सुनाई देगी। कांग्रेस जिन मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरेगी उनमें भाजपा का मैनपाट चिंतन शिविर, बिजली की दर, शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण और कानून व्यवस्था की स्थिति के साथ खाद- बीज की कमी का मामला शामिल है।
भाजपा का चिंतन शिविर: भाजपा के चिंतन शिविर में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के उस भाषण को लेकर कांग्रेस हमलावर हो सकती है, जिसमें नड्डा ने ठेकेदारों से दूर रहने की नसीहत दी है।
बिजली दरों में वृद्घि: कांग्रेस बिजली दरों में बढ़ोतरी के मामले में भी सरकार को घेर सकती है। बता दें कि शुक्रवार को राज्य में बिजली की दरों में वृद्धि की गई है। इसमें घरेलू समेत सभी श्रेणी की बिजली महंगी हो गई है।
खाद- बीज की कमी: खरीफ सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन पूरे राज्य में किसानों को खाद की कमी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि इस मामले में कांग्रेस की तरफ से सदन में काम रोको प्रस्ताव लाया जा सकता है।
युक्तियुक्तकरण: राज्य सरकार ने प्रदेश में स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार ने ऐसा करके आठ हजार स्कूलों को बंद कर दिया है।
कानून-व्यवस्था की स्थिति: प्रदेश की कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर कांग्रेस की तरफ से सरकार पर लगातार हमले किए जा रहे हैं, ऐसे में यह तय है कि इस विषय को कांग्रेस की तरफ से सदन में भी उठाया जाएगा।