National Girl Child Day रायपुर। बालिकाओं के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र सशक्तिकरण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। यह दिवस बालिकाओं के सम्मान, समान अवसर और सुरक्षित भविष्य के लिए सामूहिक संकल्प का प्रतीक है।
भारत सरकार की तरफ कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम और लिंगानुपात gender ratio में सुधार के लिए गर्भाधान पूर्व वं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (PC PNDT) अधिनियम, 1994 लागू किया गया, जिसे वर्ष 2003 में और अधिक सुदृढ़ किया गया। यह अधिनियम अल्ट्रासाउंड ultrasound, एमनियोसेंटेसिस Amniocentesis, आईवीएफ जैसी तकनीकों के माध्यम से भ्रूण के लिंग परीक्षण Gender testing और चयन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाता है।
नीति आयोग की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश में जन्म के समय लिंगानुपात gender ratio 929 (प्रति 1000 पुरुष) तक पहुंचना लैंगिक समानता gender equality की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। वर्तमान में राज्य का जन्म के समय लिंगानुपात (SRB) 974 है, जो देश में सर्वाधिक है। यह उपलब्धि प्रदेश में बालिकाओं के जन्म को प्रोत्साहन देने वाली नीतियों, सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाओं व सामाजिक चेतना Social consciousness का प्रतिफल है।
राज्य में PC PNDT अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए स्वास्थ्य विभाग Health Department की तरफ कठोर और सतत निगरानी की जा रही है। अल्ट्रासाउंड केंद्रों का नियमित निरीक्षण routine inspection, सत्यापन और पंजीयन/नवीनीकरण की प्रक्रिया में पारदर्शिता Transparency सुनिश्चित की गई है। जिला व राज्य स्तरीय सलाहकार समितियों की नियमित बैठकों के माध्यम से अधिनियम Act के उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई व कानूनी प्रक्रिया को और अधिक मजबूत किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन National Health Mission, छत्तीसगढ़ में कन्या भ्रूण हत्या female feticide की रोकथाम, लिंग आधारित भेदभाव के उन्मूलन और किशोरियों के सशक्तिकरण Empowerment के लिए लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। राज्य के सभी जिलों में निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ करने, नियमित समीक्षा तथा अल्ट्रासाउंड ultrasound केंद्रों पर अनिवार्य सूचना प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
बालिका दिवस पर स्वास्थ्य मंत्री Health Minister श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया की छत्तीसगढ़ का 974 का जन्म के समय लिंगानुपात Gender ratio इस बात का प्रमाण है कि हमारा समाज बेटियों के सम्मान और संरक्षण के प्रति निरंतर जागरूक हो रहा है। यह उपलब्धि स्वास्थ्य विभाग Health Department, चिकित्सकों, जिला प्रशासन, महिला समूहों और जनप्रतिनिधियों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।
हमारी सरकार का संकल्प है कि अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करते हुए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और बेटी का सम्मान बढ़ाओ के संकल्प को जमीनी स्तर तक साकार किया जाए, ताकि प्रदेश की हर बालिका सुरक्षित, स्वस्थ और सशक्त भविष्य की ओर अग्रसर हो सके।
स्वास्थ्य विभाग छत्तीसगढ़ प्रदेश को बालिकाओं के लिए सुरक्षित, समान व अवसरों से परिपूर्ण बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि हर बेटी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सके।