Naxal रायपुर। राजधानी रायपुर के डीडी नगर थाना क्षेत्र के चंगोराभाठा से गिरफ्तार किए गए नक्सली दंपत्ति बेहद ही चलाकी से अपना काम कर रहे थे। किसी को उन पर शक न हो इसके लिए वे बेहद साधारण तरीके से रहते थे। पहचान छिपाने के साथ ही दोनों अपना चेहरा भी लगभग छिपाकर ही चलते थे। 1800 रुपए महीना वाले जर्जर किराया के मकान में रहने वाले दंपित्त के पास से 10 तोला सोने का बिस्किट और करीब सवा लाख रुपए नगद जब्त किया गया है।
मजदूरी करने वाले पति-पत्नी की सच्चाई जानकार बस्ती वाले भी हैरान हैं। दोनों बस्ती में बेहद साधारण तरीके से रहते थे। किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। काम पर आते- जाते समय दोनों चेहरे पर गमछा बांधे रहते थे। दोनों सुबह लगभग आठ बजे घर से निकलते और रात आठ बजे लौटते थे। इसके अलावा दोनों ज्यादा घर से बाहर नहीं निकलते थे। महिला नक्सली कमला कुरसम घर से बाहर दुर्गा और गणेश प्रतिमाएं देखने निकलती थी, जबकि उसका पति जग्गू कुरसम पास की चिकन दुकान से अक्सर चिकन खरीदता था।
जग्गू इस वक्त पुलिस की हिरसात में है। एसआईए उससे पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में नक्सलियों के शहरी नेटवर्क से जुड़े कुछ और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस दोनों के स्मार्ट फोन की भी जांच कर रही है।
इस मामले में खुफिया एजेंसियों को जग्गू उर्फ रवि उर्फ रमेश कुरसम और उसकी पत्नी कमला के बारे में कॉल इंटरसेप्शन के जरिए सुराग मिला। रायपुर लोकेशन से बस्तर बेल्ट में संपर्क होने के तकनीकी इनपुट की छानबीन की गई। यह इनपुट डीडी नगर पुलिस को भेजा गया।
करीब 28 वर्षीय जग्गू के विषय में बताया जा रहा है कि वह 11 साल की उम्र में बीजापुर इलाके में नक्सल संगठन से जुड़ गया। पहले गंगालूर क्षेत्र में सक्रिय था फिर माढ़ क्षेत्र में आ गया। 2008 तक उसने फोर्स के साथ लड़ाई की। इस दौरान वह नक्सल संगठन की कई अलग-अलग कमेटी का सदस्य भी रहा। वर्तमान में वह भैरमगढ़ डिवीजनल कमेटी डिविजनल कमेटी का मेंबर था। जग्गू पर 8 लाख रुपए का इनाम है। वहीं उसकी पत्नी कमला एरिया कमेटी मेंबर थी। उसके ऊपर 5 लाख का इनाम है।