Naxalites रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में फिर एक बार नक्सलियों के शहरी नेटर्वक का खुलासा हुआ है। पुलिस ने डीडी नगर थाना क्षेत्र से एक दंपत्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों लंबे समय से रायपुर में रह कर नक्सलियों को सूचनाएं भेज रहे थे। करीब 17 साल पहले भी नक्सलियों का बड़ा शहरी नेटवर्क पकड़ा गया था।
जंगल में बैठे नक्सलियों को शहर से मद्द पहुंचाने के आरोप में पत्रकार, ट्रांसपोर्टर, व्यापारी और टेलर समेत अन्य लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। करीब 17 साल पहले पुलिस ने शहरी नेटवर्क का खुलास किया था।
राजधानी रायपुर में सक्रिय नक्सलियों के शहरी नेटवर्क का पहली बार खुलासा 2008 में हुआ था। पुलिस ने शहरी नेटवर्क में शामिल हार्डकोर नक्सलियों के साथ राज्य के अलग-अलग शहरों में बैठे उनके मद्दगारों को गिरफ्तार किया था।
इसके बाद 2010 में पुलिस ने नक्सलियों को मद्द पहुंचाने के आरोप में एक ट्रांसपोर्टर समेत कुछ अन्य लोगों को पकड़ा था। इसके बाद 2020 में आजाद चौक थाना क्षेत्र से एक कम्पयूटर दुकान के संचालक को पकड़ा गया था। इसके साथ राजनांदगांव से भी कई लोग पकड़े गए थे।
वर्ष 2008 में भी पहली बार डीडी नगर थाना क्षेत्र में ही नक्सलियों की गिरफ्तारी हुई थी। पुलिस ने सबसे पहले दो हार्डकोर महिला नक्सलियों को पकड़ा था। हार्डकोर नक्सली मीना चौधरी और शांतिप्रिया उर्फ मालती रेड्डी की गिरफ्तारी हुई। इसके बाद सुंदरनगर चौक के पास पुलिस ने हथियारों का जखिरा जब्त किया। आरोपियों से पूछताछ के बाद पत्रकार प्रफुल्ल झा उनके पुत्र प्रतीक झा के अलावा सिद्धार्थ शर्मा, बिलासपुर के कपड़ा व्यवसायी रमेश और नरेश खूबवानी व दयाराम साहू आदि गिरफ्तार किए गए थे।
शंकर नगर क्षेत्र में पुलिस ने 2010-11 में ट्रांसपोर्टर बाबूलाल शर्मा, तारक कुंडु समेत कई मददगारों को पकड़ा था। बाबूलाल के तार दिल्ली, कोलकाता से जुड़े थे। बाबूलाल ने कोलकाता से फर्जी नाम और बिल्टी से राकेट लांचर के कलपुर्जे आमानाका स्थित एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में मंगवाया था। यह सामान बस्तर के माड़ के नक्सलियों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन इससे पहले पुलिस ने छापा मारकर जब्त कर लिया था।
बाबूलाल बीमार नक्सलियों को राजधानी के अस्पताल में लाकर इलाज भी करवाता था। बाबूलाल की निशानदेही पर कई अन्य नक्सली मददगारों की गिरफ्तारी की गई थी। इनमें हितेश अग्रवाल भी शामिल था। हितेश कम्प्यूटर सेंटर की आड़ में अजय जैन के जरिए बस्तर के नक्सली लीडरों को दिल्ली से वॉकी-टॉकी खरीदकर भिजवाता था।
सिकसोड़ थाना क्षेत्र में राजनांदगांव के एक ठेकेदार तापस पलित को पुलिस ने गिरफ्तार किया गया था। उसकी गाड़ी से नक्सलियों को सप्लाई किए जाने वाले जूते, कपड़े, वॉकी-टॉकी सेट, मीटर टेप व अन्य सामान जब्त किए गए थे। तापस से पूछताछ के आधार पर राजनांदगांव के कौरिनभांटा रिद्धि-सिद्धि कॉलोनी निवासी टोनी भदौरिया उर्फ शीलेंद्र भदौरिया को गिरफ्तार किया है।
वह नक्सलियों को सप्लाई किए जाने वाले जूतों की खरीद करता था। इसी मामले में राजनांदगांव के दयाशंकर मिश्रा, ठेकेदार अजय जैन व कोमल प्रसाद वर्मा, इनके कर्मचारी कोयलीबेड़ा निवासी रोहित, मेरठ (उत्तर प्रदेश) निवासी डामर प्लांट मैनेजर सुशील शर्मा और बालाघाट (मध्य प्रदेश) निवासी सुरेश शरणागत सहित सात की गिरफ्तारी हुई थी।