Naxsali Ganpati रायपुर। भारत में सक्रिय नक्सलियों के सबसे बड़े लीडरों में शामिल गणपति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गणपति सबसे लंबे समय तक संगठन का महासचिव रहा है। बता दें कि नक्स्ली संगठन में महासचिव ही पूरी रणनीति तय करता है। गणपति के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ समेत देश के कई राज्यों में नक्सलवाद चरम पर रहा।
नक्सली संगठन का पूर्व महासचिव गणपति का पूरा नाम मुप्पला लक्ष्मण राव है। गणपति की उम्र करीब 77 साल है। वह आंध्रप्रदेश के करीमनगर का रहने वाला है। छोटी उम्र में ही वह नक्सली संगठन से जुड़ गया था। गणपति की गिनती बेहद खूंखार नक्सलियों में होती है।
गणपति को नेपाल में पड़के जाने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि तेलंगाना पुलिस की एक टीम ने नेपाल जाकर वहां गणपति को गिरफ्तार कर लिया है, हालांकि गणपति के गिरफ्तारी की पुष्टि अभी किसी भी स्तर पर नहीं हुई है।
सूत्रों के अनुसार गणपति की गिरफ्तारी सरेंडर करने वाले बड़े नक्सली लीडरों की सूचना के आधार पर की गई है। बता दें कि पार्टी संगठन में महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे देवजी ऊर्फ तिप्पिरी तिरुपतिAMP और संग्राम ऊर्फ मल्ला राजी रेड्डी फरवरी में तेलंगाना में सरेंडर किया है। दावा किया जा रहा है कि गणपति के संबंध में इन्हीं लोगों से पुलिस को सूचना मिली है।
बताया जा रहा है कि गणपति नेपाल में अपना इलाज कर रहा था। बताते चलें कि बीमारी की वजह से ही 2018 में गणपति ने पार्टी के महासचिव का पद छोड़ा था। बताया गया कि गणपति के घुटने में तकलीफ थी वह शुगर और बीपी का भी मरीज है। बीमार होने के कारण गणपति ने महासचिव का पद छोड़ दिया था, जिसके बाद कोसा को महासचिव बनाया गया था।
गणपति 2004 में नक्सली संगठन के पोलित ब्यूरो और सेंट्रल कमेटी के मेम्बर के साथ महासचिव बना। वह 2018 तक इस पद पर रहा। बीमारी के कारण उसने 2018 में पद छोड़ दिया।
नक्सलियों का सुप्रीम लीडर गणपति एक करोड़ रुपए से ज्यादा का इनामी है। बताया जा रहा है कि इलाज के लिए नेपाल जाने के बाद भी वह संगठन की गतिविधियों पर नजर रखता था।
गणपति छत्तीसगढ़ के साथ ही तेलंगाना और आंध्रप्रदेश के साथ ही ओडिशा और महाराष्ट्र में भी वोस्ट वांटेड था। वह लंबे समय तक पुलिस के लिए सिरदर्द बना रहा। गणपति के कार्यकाल में नक्सली संगठन ने कई बड़ी वारदातों को अंजाम दिया।