
Naxsali रायपुर। छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा पर स्थित गरियाबंद जिला में परिजनों की मार्मिक अपील के बाद नौ नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया। इनमें छह महिला और तीन पुरुष नक्सली शामिल हैं। इनमें दो पर आठ-आठ लाख का इनाम था। सभी नक्सली सीनापाली कमेटी में सक्रिय थे। सोमवार को इनके आत्मसमर्पण के साथ नक्सलियों की सीनापाली खत्म हो गई है। अब गरियाबंद में नक्सलियों की केवल एक सीतानदी कमेटी बची है।
वीडियो संदेश जारी कर परिजनों ने की अपील
नक्सलियों के इस आत्मसमर्पण के पीछे परिजनों और पुराने साथियों की बड़ी भूमिका है। सोमवार को पुलिस के सामने सरेंडर करने वाली नक्सलियों की डीवीसीएम सदस्य ऊषा उर्फ संगीता और बलदेव उर्फ बामन के परिजनों का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ। इसमें संगीता का भाई आबूला गंगैया हाथ जोड़े नम आंखों से अपनी बहन से वापस लौटने की अपील करता नजर आया। एक वीडियो पहले सरेंडर कर चुके सुनील, झांसी और दीपक का भी वायरल हुआ। इसमें वे अपने पुराने साथियों से हिंसा छोड़ने का आग्रह किया है।
बलदेव एसएलआर और इंसास के साथ पहुंची कविता
डीवीसीएम बलदेव बस्तर का रहने वाला है। बलदेव एसएलआर राइफल के साथ आत्मसमर्पण किया। अंजू उर्फ कविता ने इंसास राइफल के साथ सरेंडर किया। इसके अलावा सरुपा, रतना, गोविंदा उर्फ रंजिता, सोनी उर्फ बुधरी, उषा, नविता और डमरु ने भी पुलिस के सामने अपना हथियार रखा।
सरेंडर करने वालों में कमेटी सचिव और कमांडर
बलदेव 2008 से नक्सलियों की सीनापाली एरिया कमेटी में सचिव के रूप में काम कर रहा था। यह करीब 19 साल से नक्सली संगठन में सक्रिय था। 2010 से नक्सली संगठन में सक्रिय सोनी उर्फ बुदरी एरिया कमेटी में कमांडर थी। पुष्पा टेक्नीकल टीम की सदस्य थी।
गरियाबंद में अब केवल एक कमेटी बची
सीनापाली कमेटी के सदस्यों के सरेंडर के साथ ही गरियाबंद क्षेत्र में सक्रिय छह में पांच कमेटी पूरी तहर खत्म हो गई है। अब केवल एक सीतानदी कमेटी बची है। इस कमेटी में ज्योति, रामदास और उमा बचे हैं। उल्लेखनीय है कि गरियाबंद क्षेत्र में सीनापाली, एसडीके, सोनाबेड़ा, धरमबंधा और कुलीभीतर कमेटी समाप्त हो गई है।




