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E-Invoice पुराने बिल बुक अब बेकार! नए नियमों के साथ शुरू हुआ वित्तीय वर्ष 2026-27, नियमों में बड़ा बदलाव

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E-Invoice रायपुर। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत के साथ ही देश में कर (Tax) से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदल गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर व्यापारियों, निवेशकों और विदेश यात्रा करने वालों पर पड़ेगा। नियमों का पालन न करना व्यापारियों के लिए भारी पड़ सकता है, इसलिए इन बदलावों को समझना बेहद जरूरी है।

बिल बुक की नंबरिंग और ई-इनवॉइस अनिवार्य

नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही व्यापारियों को अपनी बिल बुक की नंबरिंग दोबारा शुरू करनी होगी। पुराने नंबरों को जारी रखना नियमों के खिलाफ माना जाएगा।

QRMP स्कीम और TCS की नई दरें

छोटे व्यापारियों के लिए रिटर्न भरने की QRMP (Quarterly Return Monthly Payment) स्कीम में प्रवेश करने या बाहर निकलने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल तय की गई है।

इसके अलावा, टीसीएस (TCS) की दरों में भी बदलाव हुआ है:

विदेश में पढ़ाई और इलाज हुआ सस्ता (LRS)

लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत विदेश पैसे भेजने वालों के लिए अच्छी खबर है:

शेयर बाजार: STT में बढ़ोतरी

शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों की जेब पर बोझ बढ़ेगा। इक्विटी फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर STT (Securities Transaction Tax) में वृद्धि की गई है:


विशेषज्ञ की राय

“नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही कर नियमों में व्यापक बदलाव हुए हैं। इनमें जहां एक ओर करदाताओं को राहत मिली है, वहीं ई-इनवॉइस जैसे कड़े नियम भी लागू हुए हैं। सुचारू व्यापार के लिए इन नियमों का समय पर पालन करना आवश्यक है।”

चेतन तारवानी, वाइस चेयरमैन, छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज

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