Niranjan Das रायपुर। छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाला में गुरुवार को राज्य सरकार की जांच एजेंसी आर्थिक अपरध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने एक और सेवानिवृत्त IAS अफसर को गिरफ्तार कर लिया है। अफसर को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी ईओडब्ल्यू ने प्रेसनोट जारी करके दी है।
ईओडब्ल्यू ने गुरुवार को सेवानिवृत्त IAS निरंजन दास को गिरफ्तार किया है। निरंजन की यह गिरफ्तारी राज्य के चर्चित शराब घोटाला में हुई है। कांग्रेस सरकार में निरंजन दास आबकारी आयुक्त Excise Commissioner की हैसियत से काम कर रहे थे। आरोप है कि कथित शराब घोटाला में उनकी भी भूमिका रही है।
निरंजन दास 2003 बैच के प्रमोटिव आईएएस थे। यानी वे राज्य सेवा से प्रमोट होकर आईएएस बने थे। निरंजन दास लंबे समय तक GAD और आबकारी विभाग में पदस्थ रहे।
जांच एजेंसियों के अनुसार, निरंजन दास ने पूर्व IAS अनिल टुटेजा Syndicate (सिंडिकेट के कथित संरक्षक), अरुणपति त्रिपाठी (The then Special Secretary Excise), अनवर ढेबर (व्यवसायी), और अन्य के साथ मिलकर सिंडिकेट चलाया। इस सिंडिकेट Syndicate ने आबकारी विभाग Excise Department की मिलीभगत से राज्य को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया। इसमें सरकारी शराब दुकानों में कमीशन तय करना, डिस्टलरियों Distilleries से अतिरिक्त शराब बनवाना, विदेशी ब्रांड Foreign brands की अवैध सप्लाई पर वसूली, और डुप्लीकेट होलोग्राम Duplicate Hologram (सुरक्षा फीचर) का इस्तेमाल कर अनियमित शराब बेचना शामिल था।
जांच एजेंसियों ने अपनी चार्जशीट में पहले भी यह बताया है कि नोएडा की कंपनी प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स Prism Holography Security Films (विधु गुप्ता की) को टेंडर देने में निरंजन दास Niranjan Das की भूमिका थी। यह कंपनी योग्य नहीं थी, लेकिन निरंजन दास, AP त्रिपाठी और Anil टुटेजा ने टेंडर शर्तें Tender Terms बदलकर इसे अवैध रूप से आवंटित किया। इससे डुप्लीकेट होलोग्राम Duplicate Hologram बनाए गए, जो अवैध शराब की बिक्री को वैध दिखाने के लिए इस्तेमाल हुए। प्रत्येक होलोग्राम पर 8 पैसे का कमीशन लिया गया, जिससे 1200 करोड़ का नुकसान हुआ।
जांच में यह भी उजागर हुआ है कि निरंजन दास ने सिंडिकेट Syndicate के साथ मिलकर झारखंड Jharkhand की आबकारी नीति Excise Policy में बदलाव की साजिश रची, जिससे वहां के खजाने को भारी नुकसान हुआ। जनवरी 2022 में Anwar ढेबर और AP त्रिपाठी के साथ झारखंड अधिकारियों से मीटिंग की गई, जहां छत्तीसगढ़ मॉडल को लागू कर अवैध लाभ कमाया। रिटायरमेंट के बाद फरवरी 2023 में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने उन्हें संविदा Contract पर आबकारी आयुक्त बनाया गया था।