NSA रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के सभी कलेक्टरों को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत विशेष शक्तियां दे दी है। इस संबंध में राज्य सरकार की तरफ से अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह विशेष पावर कलेक्टरों को 31 मार्च 2026 तक के लिए दिया गया है।
अधिसूचना के अनुसार राज्य सरकार के पास ऐसी रिपोर्ट है कि कतिपय तत्व सांप्रदायिक मेल-मिलाप को संकट में डालने के लिए और लोक व्यवस्था बनाए रखने पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कोई कार्य व राज्य की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले कोई कार्य करने के लिए, सक्रिय है या उनके सक्रिय हो जाने की संभावना है।
रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, दुर्ग, रायगढ़, सरगुजा, जशपुर कोरिया, जांजगीर-चांपा, कोरखा, कबीरधाम, महासमुंद, धमतरी, जगदलपुर, दंतेवाड़ा, उत्तर बस्तर कांकेर, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा, कोंडागांव, वलौदाबाजार, गरियाबंद, बेमेतरा, बालोद, मुंगेली, सूरजपुर, बलरामपुर, मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान गंडई, सारंगढ़-बिलाईगढ़, मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर (एमसीबी), गौरेला पेंड्रा मरवाही और सक्ती कलेक्टर को यह पावर दिया गया है।
कलेक्टरों को यह विशेष शक्तियां राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 (1980 का.स. 65) की धारा-3 की उपधारा (3) के तहत कलेक्टरों को 01 जनवरी, 2026 से 31 मार्च, 2026 तक के लिए विशेष पावर दिया गया है।
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 3 की उपधारा (3) के तहत राज्य सरकार जिला कलेक्टरों और पुलिस कमीश्नर को यह विशेष शक्ति देती है। इसके तहत यदि कलेक्टर को किसी से राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा महसूस होता है तो वह ऐसे व्यक्ति को बिना किसी मुकदमे के हिरासत में ले सकते हैं। यह धारा कलेक्टर ऐसे व्यक्ति को अस्थायी रिहाई (जमानत) देने और शर्तों के साथ या बिना शर्तों के व्यक्ति को छोड़ने की शक्ति भी देती है, और ऐसे व्यक्ति का आत्म-समर्पण न करने पर दंड का प्रावधान करती है।
अफसरों ने बताया कि यह अधिसूचना हर तीसरे महीने में जारी की जाती है, क्योंकि कानून एक बार में इसे तीन महीने से ज्यादा समय से के लिए लागू नहीं किया जा सकता है। इसी वजह से हर तीसरे महीने में इसकी अधिसूचना जारी करती है।