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Pandum Cafe राष्‍ट्रपति के अभिभाषण में बस्‍तर: संसद में मुर्मू ने बस्‍तर ओलंपिक और पंडुम कैफे को लेकर कही यह बात

Pandum Café रायपुर। संसद का बजट सत्र बुधवार (28 जनवरी) से शुरू हो गया है। सत्र के पहले दिन राष्‍ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने सांसदों को संबोधित किया। राष्‍ट्रपति ने अपने अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियां और कामों को गिनते हुए छत्‍तीसगढ़ के बस्‍तर संभाग का विशेष रुप से उल्‍लेख किया।

जानिए- बस्‍तर को लेकर क्‍या कहा राष्‍ट्रपति ने

बुधवार को सांसदों को संबोधित करते हुए राष्‍ट्रपति ने बस्‍तर का उल्‍लेख किया। इस दौरान उन्‍होंने बस्‍तर में शांति की स्‍थापना के प्रयासों का उल्‍लेख करते हुए बस्‍तर ओलंपिक और पंडूम कैफे का विशेष रुप से जिक्र किया।

राष्‍ट्रपति के अभिभाषण में नक्‍सलवाद

राष्‍ट्रपति ने अपने अभिभाषण में नक्‍सलवाद को लेकर कहा कि सुरक्षाबलों ने माओवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू की है। नक्‍सलवाद की वजह से कई पीढ़ि‍यों का भविष्‍य अंधकार में चला गया था। सबसे ज्‍यादा नुसकान युवा, आदिवासी और दलितों का हो रहा था।

अब आठ जिलों में सिमटा नक्‍सलवाद  

राष्‍ट्रपति ने कहा कि नक्‍सलवाद पहले देश के 126 जिलों तक फैसला था। मेरी सरकार के प्रयासों से अब यह आठ जिलों में रह गया है। इसमें से भी केवल तीन जिले गंभीर रुप से प्रभावित है।

एक साल में दो हजार लौटे मुख्‍य धारा में

राष्‍ट्रपति ने कहा कि मेरी सरकार के प्रयासों से एक साल में दो हजार से ज्‍यादा लोगों ने हिंसा का साथ छोड़कर आत्‍मसमर्पण किया है। मेरी सरकार के प्रयासों से परिवर्तन दिखने लगा है।

बीजापुर में 26 साल बाद पहुंची बस

राष्‍ट्रपति ने कहा कि बीजापुर के एक गांव में 26 साल बाद बस पहुंची तो वहां उत्‍सव की तरह खुशी मनाई गई। बता दें कि छत्‍तीसगढ़ की विष्‍णुदेव साय सरकार ने ऐसे ही पहुंच  विहीन गांवों के लिए मुख्‍यमंत्री ग्रामीण बस सेवा की शुरुआत की है। इसकी शुरुआत  4 अक्‍टूबर 2025 को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्‍तर से की थी।

बस्‍तर ओलंपिक का विशेष उल्‍लेख

राष्‍ट्रपति मुर्मू ने अपने अभिभाषण में बस्‍तर ओलंपिक का भी विशेष रुप से उल्‍लेख किया। उन्‍होंने बताया कि बस्‍तर ओलंपिक में युवा बढ़- चढ़कर हिस्‍सा ले रहे हैं। उल्‍लेखनीय है कि बस्‍तर ओलंपिक का आयोजन राज्‍य सरकार की तरफ से किया जा रहा है।

पंडुम कैफे

राष्‍ट्रपति ने अपने अभिभाषण में जगदलपुर में चल रहे पंडुम कैफे का भी जिक्र किया। हथियार छोड़ चुके माओवादी अब पंडुम कैफे के जरिये लोगों की सेवा कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि मुख्‍य धारा में लौटे लोग का जीवन पटरी पर लौट रहा है।

जानिए- क्‍या है पंडुम कैफे, जिसका राष्‍ट्रपति ने किया उल्‍लेख

पंडुम कैफे बस्‍तर के संभागीय मुख्‍यालय जगदलपुर में है। इसका उद्घाटन मुख्‍यमंत्री विष्‍णुदेव साय ने 17 नवंबर 2025 को किया था। यह बस्‍तर पुलिस और नुक्कड़ कैफे का संयुक्‍त प्रयास है।

कहां हैं पंडुम कैफे

पंडुम कैफे जगदलपुर के पुलिस लाइन परिसर में स्थित है।

कौन करता है पंडुक कैफे का संचालनक

यह कैफे आत्मसमर्पित नक्‍सली और नक्सली हिंसा के पीड़ितों के पुनर्वास के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। वहां पर सरेंडर कर मुख्‍य धारा में लौटे नक्‍सली और पीड़ित परिवार के सदस्य काम करते हैं, जिन्हें कैफे प्रबंधन, ग्राहक सेवा, और उद्यमिता कौशल की ट्रेनिंग दी गई है।

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