Paramarshadatri samite रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के शासकीय सेवकों के हित में बड़ा निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने शायकीय सेवकों की मांगों और समस्याओं को सुनने और उसके समाधान की पहल की है।
सरकार ने परामर्शदात्री समिति Advisory Committee की बैठक आयोजित करने का आदेश सभी विभागीय सचिवों और विभागाध्यों को जारी किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने यह आदेश जारी किया है।
कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव विकास शील से भेंट कर परामर्शदात्री समिति की बैठक शीघ्र आयोजित करने की मांग रखी थी। मुख्य सचिव ने सभी स्तरों पर परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित करने हेतु शासन स्तर से दिशा-निर्देश जारी करने का आश्वासन दिया था।
फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने बताया कि फेडरेशन के पत्र के अनुसार सरकार की तरफ से परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित करने संबंधी आदेश सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी किया गया है। संचालनालय स्तर पर परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित होने के बाद राज्य स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक आयोजित की जाएगी।
सामान्य प्रशासन विभाग से जारी इस आदेश में सभी विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों को 15 दिसंबर से पहले परामर्शरात्री समिति की बैठक कराने और उसकी पूरी रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया गया है।
परामर्शरात्री समिति में सरकार के तीन प्रतिनिधियों के साथ द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के एक-एक प्रतिनिधि रहेंगे। ये नाम विभागीय सचिव तय करेंगे। इसके अलावा मान्यता प्राप्त कर्मचारी संगठनों के दो प्रतिनिधि शामिल होंगे।
बैठक में राजपत्रित अधिकारी संघ के अध्यक्ष कमल वर्मावर्मा शामिल होंगे। बता दें कि कमल वर्मा कर्मचारियों और अधिकारियों के संगठनों के सबसे बड़े संयुक्त संगठन फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक भी हैं।
इनके साथ छत्तीसगढ़ व्याख्याता संघ के अध्यक्ष राकेश शर्मा, छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के अजीत दुबे, वन विभाग वाहन चालक- कर्मचारी संघ की तरफ से राजकुमार पाण्डेय और छत्तीसगढ़ प्रशासनिक सेवा संघ की तरफ से अजय त्रिपाठी भी शामिल होंगे।
कर्मचारी नेताओं ने बताया कि इन बैठकों में कर्मचारी संगठनों की लंबित सभी मांगों और समस्याओं पर चर्चा होगी। बता दें कि कर्मचारी संगठनों की तरफ से सरकार से मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को पूरा करने की मांग लगातार की जा रही है।
कर्मचारी संगठन वादें के अनुसार महंगाई भत्ता और महंगाई राहत के एरियर्स की मांग कर रहे हैं। वहीं प्रदेश के संविदा कर्मचारी नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी नेताओं के अनुसार इसके अतिरिक्त अन्य सभी मांगों पर बैठकों में चर्चा होगी।