Pariksha pe Charcha रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम की दूसरी कड़ी का सोमवार को प्रसारण किया गया। इसमें राज्य के बच्चों को भी प्रधानमंत्री मोदी से सवाल करने का अवसर मिला।
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द्वितीय चरण में रायपुर जिले के माना कैम्प स्थित पीएम श्री नवोदय विद्यालय के बच्चे शामिल हुए। कक्षा 11वीं के विद्यार्थी तेजस चन्द्राकर को प्रधानमंत्री से प्रश्न पूछने का अवसर प्राप्त हुआ। तेजस ने परीक्षा के बाद भ्रमण योग्य स्थलों के संबंध में जानकारी चाही।
इस प्रश्न के उत्तर में प्रधानमंत्री मोदी ने तेजस से कहा कि अपने निवास तहसील से प्रारंभ करते हुए, तहसील, जिला और राज्य स्तर पर देखने योग्य स्थानों की सूची तैयार करने, उनके भ्रमण की योजना बनाने और इन यात्राओं को सीखने के अवसर के रूप में अपनाने का प्रेरणादायक सुझाव दिया।
मोदी ने कहा कि पहले अपने तहसील की सूची तैयार करें, कि कहां- कहां जा सकते हैं, फिर अपने जिला में देखें कि आप अब तक कहां- कहां नहीं गए हैं। इसी तरह राज्य स्तर पर सूची बनाएं।
उन्होंने कहा कि कहीं भी विद्यार्थी बनकर जाएं बहुत अच्छा लगेगा। ट्रेन से जाएं और अपना खाना भी साथ लेकर जाएं। मोदी ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश हैं, यहां घुमने के लिए एक जीवन भी कम पड़ जाएगा।
परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का द्वितीय चरण में राज्य की व्यापक और सक्रिय सहभागिता रही। इस चरण में राज्य के 36,905 विद्यालयों से कार्यक्रम प्रसारित किया गया, जिसे 26.65 लाख विद्यार्थी, 1.54 लाख शिक्षक एवं 1.68 लाख पालकों सहित कुल 29.89 लाख दर्शकों ने देखा। साथ ही, पूर्ववत 478 सार्वजनिक स्थलों पर सामूहिक रूप से कार्यक्रम देखने की व्यवस्था की गई, जिससे 42 हजार लोगों ने लाभ प्राप्त किया।
परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के प्रथम चरण का प्रसारण 6 फरवरी को देशभर के विद्यालयों में किया गया था। पहले चरण में राज्य के 36,903 विद्यालयों में इस कार्यक्रम का प्रसारण हुआ, जिसे 26.65 लाख विद्यार्थियों, 1.54 लाख शिक्षकों एवं 1.68 लाख पालकों सहित कुल 29.87 लाख दर्शकों ने देखा।
इसके अतिरिक्त, समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु 478 सार्वजनिक स्थलों पर कार्यक्रम देखने की व्यवस्था की गई, जहाँ लगभग 42 हजार नागरिकों ने कार्यक्रम का लाभ उठाया। प्रथम चरण में महासमुंद जिले की कक्षा 12वीं की छात्रा सृष्टि साहू को प्रधानमंत्री से सीधे प्रश्न पूछने का अवसर प्राप्त हुआ, जो राज्य के लिए गर्व का विषय रहा।