Pension Fund Rules  छत्‍तीसगढ़ सरकार ने जारी किया पेंशन निधि नियम 2026: जानिए- क्‍या- क्‍या हुआ बदलाव

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2026-01-16 | 13:02h
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Pension Fund Rules  रायपुर। छत्‍तीसगढ़ सरकार ने नया पेंशन निधि नियम 2026 जारी कर दिया है। राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही यह लागू कर दिया गया है।

3. निधि की अंशदान सीमाएं और अतिरिक्त स्रोतें.-

(1) अंशदान सीमाएं- अधिनियम की धारा 6 के अनुसरण में, राज्य सरकार निधि में अंशदान करेगी।

(2) अतिरिक्त स्रोत- निधि-

(क) राज्य सरकार की तरफ से समय-समय पर यथा निर्धारित कोई अन्य अंशदान,

(ख) परिपक्व प्रतिभूतियों के पुनर्निवेश से आय, भी प्राप्त कर सकेगी।

4. निधि प्रबंधन इकाई की स्थापना और संरचना

(1) वित्त विभाग, निधि के प्रबंधन की निगरानी और अधिनियम तथा इन नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक निधि प्रबंधन इकाई की स्थापना करेगा।

(2) निधि प्रबंधन इकाई में इन्‍हें बनाया जाएगा सदस्य

(क) पदेन सचिव, वित्त विभाग अध्यक्ष

(ख) संचालक, बजट उपाध्यक्ष।

(3) नियुक्त निधि प्रबंधक के दैनिक संचालन की निगरानी एवं संचार के प्राथमिक संपर्क के लिए सचिव, वित्त विभाग एक नोडल अधिकारी पदाभिहित करेंगे, जो उप-सचिव की श्रेणी से निम्न नहीं होगा।

(4) सचिव, वित्त विभाग, निधि प्रबंधन और निधि निवेश विषयों पर तकनीकी मामलों पर सलाह देने के लिए किसी विषय विशेषज्ञ को नामित कर सकेंगे।

(5) निधि प्रबंधन इकाई, निधि के प्रदर्शन, निवेश रणनीतियों तथा इन नियमों के अनुपालन की निगरानी के लिए कम से कम तीन माह में बैठक करेगी।

(6) निधि प्रबंधन इकाई के कार्य

(क) अधिनियम की धारा 9 के अनुसार निवेश के लिए दिशानिर्देश और कार्यनीति तैयार करना और जारी करना

(ख) निधि के प्रदर्शन का आंकलन और मूल्यांकन करना

(ग) निवेश, विनिवेश, पुनर्निवेश, पोर्टफोलियो समायोजन की समीक्षा और अनुमोदन करना

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(घ) अधिनियम और इन नियमों के अनुपालन की निगरानी करना

(ङ) यह सुनिश्चित करना कि निधि का कोई भी निवेश या संचालन अधिनियम के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन न हो

(च) धारा 8 के अनुसरण में निधि से धनराशि की निकासी की समीक्षा और अनुमोदन करना

(छ) वार्षिक रिपोर्ट की समीक्षा करना और छत्तीसगढ़ सरकार को प्रस्तुत करना

(ज) ऐसे अन्य कार्यों का निष्पादन करना, जो समय-समय पर सरकार द्वारा विहित किए जाये।

5. निधि प्रबंधक की नियुक्ति एवं हटाया जाना

(1) वित्त विभाग, अधिनियम की धारा 7 के अनुसार निधि प्रबंधन इकाई के माध्यम से निधि प्रबंधक की नियुक्ति के लिए प्रतिस्पर्धात्मक चयन प्रक्रिया अपनायेगा।

(2) निधि प्रबंधक, पोर्टफोलियो मैनेजर या सेबी पंजीकृत निवेश सलाहकार के रूप में पंजीकृत एक वित्तीय संस्थान होगा

(3) निधि प्रबंधक को सरकार किसी भी समय हटा सकती है, यदिः-

(क) निधि प्रबंधक, अधिनियम या इन नियमों का पालन करने में विफल रहता है

(ख) निधि प्रबंधक दिवालिया हो जाता है या संचालन जारी रखने में असमर्थ होता है

(ग) निधि प्रबंधक के विरूद्ध कोई विनियामक कार्रवाई की जाती है

(घ) लगातार दो वर्षों तक उसका प्रदर्शन असंतोषजनक रहता है।

(4) निधि प्रबंधक को हटाए जाने की स्थिति में, निधि की सभी संपत्ति और निवेश संबंधी दस्तावेज, निधि प्रबंधन इकाई को तत्काल हस्तांतरित कर दिए जाएंगे।

6. निधि प्रबंधक के उत्तरदायित्व और कर्तव्य

(1) सामान्य उत्तरदायित्व निधि प्रबंधक, निधि से संबंधित सभी गतिविधियों के लिए निधि प्रबंधन इकाई के माध्यम से वित्त विभाग के प्रति पूर्ण रूप से उत्तरदायी होगा और अधिनियम तथा इन नियमों के अंतर्गत कड़ाई से कार्य करेगा।

(2) प्राथमिक उत्तरदायित्व-

(क) निधि प्रबंधन- निधि की सभी संपत्तियों का प्रबंधन एवं मानक वित्तीय प्रचलन के अनुसार उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना

(ख) लाभ संग्रह- प्रतिभूतियों पर सभी लाभांश, ब्याज और आय एकत्र करना और उन्हें निर्धारित तिथि पर निर्धारित निधि खाते में जमा करना

(ग) रिकॉर्ड संधारण- निधि के समस्त लेनदेन, निवेश और संपत्ति (होल्डिंग्स) का पूर्ण और सटीक रिकॉर्ड संधारित करना

(घ) रिपोर्टिंग- निधि प्रबंधन इकाई को आवधिक विवरण एवं रिपोर्ट प्रस्तुत करना।

(3) निवेश कर्तव्य-

(क) निधि प्रबंधन इकाई द्वारा जारी निवेश संबंधी दिशा-निर्देशों और नियम 8 में निर्दिष्ट मापदंडों के अनुसार निधि का निवेश करना

(ख) निधि प्रबंधन इकाई द्वारा अनुशंसित एवं अनुमोदित निवेश का प्रबंधन

(ग) जोखिम प्रबंधन के लिए पोर्टफोलियो का विविधीकरण

(घ) सभी प्रतिभूतियों की परिपक्वता की निगरानी करना और अधिनियम की धारा 9 की उप-धारा (2) के अनुसार समय पर मोचन की व्यवस्था करना

(ङ) निवेश, पुनर्निवेश, विनिवेश आदि से संबंधित प्रस्तावों पर निधि प्रबंधन इकाई से सलाह करना।

(4) विनिवेश कर्तव्य-

(क) प्रतिभूतियों की परिपक्वता के उपरांत, आय के संग्रह की व्यवस्था करना और उसे निधि में जमा करना या निधि प्रबंधन इकाई से प्राप्त निर्देश के अनुसार पुनर्निवेश करना

(ख) समय पूर्व विनिवेश के लिए, कारणों और समाप्त की जाने वाली प्रतिभूतियों को निर्दिष्ट करते हुए निधि प्रबंधन इकाई से पूर्व लिखित अनुमोदन प्राप्त करना

(ग) प्रतिभूतियों का विनिवेश करने और आकस्मिक शुल्क या लेनदेन लागत में कटौती के बाद आय को निधि खाते में जमा करना

(घ) घाटे दिखाने वाली प्रतिभूतियों के मामले में, समाप्ति से पहले निधि प्रबंधन इकाई के साथ परामर्श करना

(ङ) औचित्य और अनुमोदन दस्तावेजों के साथ सभी विनिवेश लेनदेन का विस्तृत रिकॉर्ड संधारित करना।

(5) अनुपालन और विनियामक कर्तव्य-

(क) अधिनियम और इन नियमों के सभी प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करना

(ख) लागू करों और अन्य वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करना

(ग) भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय प्रतिभूति और भारतीय विनिमय बोर्ड और अन्य विनियामक प्राधिकरणों द्वारा जारी विनियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना

(घ) निधि प्रबंधन इकाई को सभी महत्वपूर्ण जानकारी और हितों के टकराव की जानकारी उपलब्ध कराना:

(ङ) पर्याप्त आंतरिक नियंत्रण और लेखा परीक्षा प्रक्रियाओं को लागू करना।

(6) रिपोर्टिंग कर्तव्य-

(क) निधि प्रबंधन इकाई को निधि की स्थिति का मासिक विवरण प्रस्तुत करना

(ख) निवेश, रिटर्न और अनुपालन की स्थिति का विवरण देते हुए निधि प्रबंधन इकाई को तिमाही प्रदर्शन रिपोर्ट प्रस्तुत करना

(ग) छत्तीसगढ़ शासन और विधानमंडल को प्रस्तुत करने के लिए वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करना

(घ) किसी भी असाधारण लेनदेन, हानि या अनुपालन उल्लंघन की निधि प्रबंधन इकाई को तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करना

(ङ) निवेश और अन्य प्रासंगिक व्यय जैसे कमीशन और शुल्क का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना।

(7) निधि प्रबंधक पर प्रतिबंध-

(क) निधि प्रबंधक, निधि संपत्ति का उपयोग किसी भी डेरिवेटिव लेनदेन, शॉर्ट-सेलिंग या अन्य लीवरेज्ड लेनदेन के लिए नहीं करेगा

(ख) निधि प्रबंधक, अधिनियम में निर्दिष्ट उद्देश्यों के अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए निधि की संपत्तियों का उपयोग नहीं करेगा

(ग) निधि प्रबंधक, किसी भी इकाई में नियंत्रण या बहुमत हिस्सेदारी हासिल नहीं करेगा

(घ) निधि प्रबंधक, निधि प्रबंधन इकाई से अनुमोदित दस्तावेज के बिना कोई लेनदेन नहीं करेगा।

(8) जोखिम प्रबंधन-

(क) निधि प्रबंधक, अनिश्चित परिस्थितियों में भी निवेश जोखिमों और रिटर्न का संतुलित मूल्यांकन करते हुए निवेश की निरंतर वित्तीय प्रगति सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा उपायों को लागू करेगा

(ख) लाभ को अधिकतम करने के लिए, निधि प्रबंधक, उपयुक्त निवेश के चयन और प्रतिभूतियों के समायोजन के लिए निधि प्रबंधन इकाई को सिफारिशें प्रदान करने के लिए बाजार के रुझान, आर्थिक संकेतकों और व्यक्तिगत प्रतिभूतियों के प्रदर्शन का गहन अध्ययन करेगा

(ग) निधि प्रबंधक, उपयुक्त जोखिम मूल्यांकन प्रोटोकॉल बनाए रखेगा।

7. निवेश दिशानिर्देश और मानदंड. (1) छत्तीसगढ़ पेंशन फंड का गठन, संचित शोधन निधि (सीएसएफ) एवं प्रत्याभूति मोचन निधि (जीआरएफ) के अनुसार किया जायेगा।

(2) निधि का निवेश, भारत सरकार, वित्त मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग द्वारा जारी और भारत के राजपत्र, असाधारण, भाग ।, खंड 1, दिनांक 2 मार्च, 2015 में प्रकाशित समय-समय पर संशोधित केंद्र शासन की अधिसूचना क्र. 11/14/2013-PR, दिनांक 02 मार्च, 2015 के अनुसार किया जाएगा।

8. निधि का उपयोग.-

(1) निधि का उपयोग अधिनियम की धारा 8 में यथा विनिर्दिष्ट अनुसार राज्य सरकार द्वारा विशेष रूप से पेंशन भुगतान के लिए किया जाएगा।

(2) निकासी तंत्र-

(क) निधियों की निकासी प्राथमिक रूप से केवल वित्त विभाग द्वारा पेंशन भुगतान की आवश्यकताओं के आधार पर की जाएगी

(ख) सचिव या प्राधिकृत अधिकारी से लिखित प्राधिकार प्राप्त कर, निधि प्रबंधक निकासी अनुरोधों को संसाधित करेगा

(ग) सभी निकासी अनुरोधों को औचित्य सहित प्रलेखित किया जाएगा।

9. निधि की वार्षिक रिपोर्ट.

(1) राज्य सरकार, प्रत्येक वर्ष विधान सभा के पटल पर निधि की एक “वार्षिक

निधि रिपोर्ट” रखेगी, जिसमें निम्नलिखित विवरण सम्मिलित होंगे, अर्थात्:-

(क) निधि की स्थिति, स्रोतों और उपयोग का विवरण

(ख) निधि का निवेश पोर्टफोलियो और उसका प्रदर्शन

(ग) निधि का आवंटन और उससे प्राप्त रिटर्न और

(घ) निधि के रखरखाव में किए गए प्रशासनिक और प्रबंधन खर्ची

(2) उपरोक्त संदर्भित रिपोर्ट, अन्य सभी संबंधित खुलासों के साथ, वित्त विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाएगी।

10. लेखांकन और लेखा परीक्षा

(1) निधि के खाते की वार्षिक लेखा परीक्षा राज्य के महालेखाकार द्वारा की जाएगी और लेखा परीक्षा रिपोर्ट विधान सभा के पटल पर रखी जाएगी और इसे सार्वजनिक रूप से भी उपलब्ध कराया जाएगा।

(2) निधि प्रबंधक द्वारा सहायक खातों का संधारण उस रीति से किया जाएगा जैसा कि राज्य सरकार, महालेखाकार के परामर्श से उचित समझे।

11. विनियामक अनुपालन. निधि प्रबंधक, निधि की गतिविधियों और संचालन से संबंधित सभी लागू कर विनियामक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए उत्तरदायी होगा।

12. निर्वचन और शिथिलीकरण.-

(1) निधि के सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए, वित्त विभाग इन नियमों के क्रियान्वयन के लिए समय-समय पर, जैसा आवश्यक हो, निर्देश जारी कर सकेगा।

(2) जहां इन नियमों के प्रावधानों को प्रभावी करने में या निधि के संचालन में कोई कठिनाई उत्पन्न होती है, राज्य सरकार, ऐसे स्पष्टीकरण जारी कर सकेगी या इन नियमों में ऐसे संशोधन कर सकेगी, जैसा कि वह आवश्यक समझे।

chatur postJanuary 16, 2026
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