Pension Slip रायपुर। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने पेंशनर्स की लंबे समय से चली आ रही एक महत्वपूर्ण समस्या के समाधान के लिए केन्द्र सरकार की तरफ से उठाए गए कदम का स्वागत किया है। सेंट्रल पेंशन अकाउंटिंग ऑफिस ने सभी अधिकृत बैंकों के सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेंटर्स को स्पष्ट और सख्त निर्देश जारी किए हैं कि प्रत्येक पेंशनधारक को उनकी मासिक पेंशन क्रेडिट होने के बाद अनिवार्य रूप से समय पर पेंशन स्लिप उपलब्ध कराई जाए।
पिछले कई वर्षों से कई राष्ट्रीकृत बैंक से देशभर के लाखों सिविल और फैमिली पेंशनर्स को पेंशन स्लिप न मिलने के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। लगातार शिकायतें सामने आने के बाद, वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि सभी पेंशनर्स को उनकी मासिक पेंशन से संबंधित संपूर्ण विवरण बिना देरी उपलब्ध हो।
जारी विज्ञप्ति में वरिष्ठ कर्मचारी नेता वीरेन्द्र नामदेव ने आगे बताया है कि हम पेंशनरों के लिए पेंशन स्लिप केवल औपचारिक दस्तावेज नहीं, बल्कि पेंशनभोगी के वित्तीय प्रबंधन का मूल आधार है। इसमें पेंशन क्रेडिट की राशि, विभिन्न कटौतियां, संशोधन, एरियर इत्यादि का पूरा ब्योरा दर्ज होता है। इसके अभाव में पेंशनर्स को अपनी पेंशन संबंधित जानकारी और रिकॉर्ड संभालने में कठिनाई होती थी।
इसी तरह के फरमान पहले भी जारी दिशा-निर्देश फरवरी 2024 में भी व्यय विभाग ने विस्तृत निर्देश जारी किए थे, जिनमें यह अनिवार्य किया गया था कि सेंट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेल, पेंशन क्रेडिट के तुरंत बाद एसएमएस/वाट्सअप तथा ई-मेल के माध्यम से पेंशन स्लिप भेजें। स्लिप का फॉर्मेट भी उम्रदराज पेंशनर्स की सुविधा के अनुरूप सरल और स्पष्ट रखने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद शिकायतें जारी रहने पर सेंट्रल पेंशन एकाउंटिंग ऑफिस को एक बार फिर कठोर निर्देश जारी करने पड़े हैं।
भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के पदाधिकारी क्रमशः बी के वर्मा , आर एन ताटी, द्रौपदी यादव, जे पी मिश्रा, अनिल गोल्हानी, टी पी सिंह, बी एस दसमेर, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, आर जी बोहरे, ओ डी शर्मा, अनिल पाठक, आदि का मानना है कि सरकार का यह निर्णय पेंशनर्स के सम्मान, सुविधा और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। महासंघ अपेक्षा करता है कि सभी बैंक इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करेंगे और पेंशनर्स को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।