Pensioner रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की घोषणा के बाद शासकीय सेवकों का महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाने का आदेश जारी हो गया है, लेकिन पेंशनरों को फिलहाल महंगाई से राहत मिलती नहीं दिख रही है। छत्तीसगढ़ के लगभग डेढ़ लाख पेंशनरों को महंगाई राहत (डीआर) के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। इंतजार कितना लंबा होगा, यह छत्तीसगढ़ सरकार भी नहीं बता सकती, क्योंकि फैसला उसके हाथ में नहीं है।
राज्य सरकार ने जनवरी 2026 से शासकीय सेवकों का महंगाई भत्ता तीन प्रतिशत बढ़ा दिया है, इससे राज्य के शासकीय सेवकों का महंगाई भत्ता 55 से बढ़कर 58 प्रतिशत हो गया है।
राज्य सरकार ने शासकीय सेवकों का महंगाई भत्ता तीन प्रतिशत बढ़ा तो दिया है, लेकिन छह महीने का एरिसर्य गोल कर दिया है। दरअसल, शासकीय सेवकों को तीन महंगाई भत्ता का लाभ जुलाई 2025 से मिलना था, लेकिन सरकार जनवरी 2026 से दे रही है।
छत्तीसगढ़ में मध्य प्रदेश की सहमति के बिना पेंशनरों का महंगाई राहत नहीं बढ़ाया जा सकता है। दरअसल, छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के लिए बने कानून में यह प्रावधान है कि महंगाई राहत दोनों राज्यों की सहमति से बढ़ाया जाएगा। इसी वजह से महंगाई भत्ता बढ़ाने का फैसला राज्य सरकार स्वयं कर लेती, लेकिन महंगाई राहत के लिए इंतजार करना पड़ता है।
पेंशनरों का कहना है कि डीआर के लिए दोनों राज्यों की सहमति का नियम इस वजह से बना था, क्योंकि राज्य बंटवारा में बहुत से लोग यहां- वहां हुए थे, सेवानिवृत्त होने के बाद वापस लौट गए। पेंशनरों का कहा है कि अब राज्य बने 25 साल से ज्यादा हो चुका है, ऐसे में महंगाई राहत के लिए दोनों राज्यों की सहमति का नियम अनुपायोगी हो चुका है। इसी वजह से इस नियम को समाप्त करने की मांग लगातार उठ रही है।
शासकीय सेवकों का महंगाई भत्ता तीन प्रतिशत बढ़ाने के साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने महंगाई राहत बढ़ाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है। अफसरों के अनुसार वहां से सहमति मिलने के बाद पेंशनरों का मंगाई राहत बढ़ा दिया जाएगा।
मध्य प्रदेश के शासकीय सेवकों और पेंशनरों को अभी 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता और राहत दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश सरकार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान इसे बढ़ाने की घोषणा कर सकती है। ऐसे में छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को भी इंतजार करना पड़ सकता है।
मध्य प्रदेश में डीए और डीआर बढ़ाने का ऐलान भले ही देर से किया जाए, लेकिन उसका लाभ तय समय मिलता है। मध्य प्रदेश सरकार एरियर्स के जरिये डीए और डीआर का पूरा लाभ देती है, लेकिन छत्तीसगढ़ में 2019 के बाद से शासकीय सेवकों और पेंशनरों को एरियर्स का लाभ नहीं मिल रहा है।