कर्मचारी हलचल

Pingua Committee अभ्‍यावेदन देने वालों को अभी और कितना करना पड़ेगा इंतजार: संघ के महामंत्री बोले…

Pingua Committee  रायपुर। छत्‍तीसगढ़ में स्‍थानांतरण नीति से प्रभावित हुए शासकीय सेवक का अभ्‍यावेदन पेडिंग में पड़ा है। शासकीय सेवक इस पर पिंगुआ कमेटी के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कमेटी का निर्णय अब तक नहीं आया है। ऐसे में शासकीय सेवकों में मायूसी बढ़ रही है। इस बीच कर्मचारी संघ के महासचिव एके चेलक का बयान सामने आया है।

तीन वर्षों के इंतजार के बाद तबादलों पर से हटी थी रोक

छत्तीसगढ़ सरकार ने दो तीन साल के इंतजार के बाद इस वर्ष तबादलों पर प्रतिबंध हटाया गया था। सरकार ने इस वर्ष स्‍थानांतरण नीति जारी करते हुए ट्रांसफर पर लगी रोक हटा दी थी। इसके तहत 25 जून तक स्थानांतरण किए गए। ट्रांसफर नीति के तहत आवेदन के आधार पर स्वयं के व्यय पर और शासन की ओर से प्रशासनिक आधार पर भी तबादला किया गया है। जारी स्थानान्तरण नीति में ही उल्लेख किया गया है कि तबादले से असंतुष्ट कर्मचारी आदेश जारी होने के 15 दिन के भीतर इसके लिए गठित कमेटी के समक्ष अभ्यावेदन  देंगे।

Pingua Committee सरकार ने बनाई पिंगुआ कमेटी

छत्तीसगढ़ में ट्रांसफर से बैन हट गया है। तबादलों के लिए आवेदन भी आ गए हैं। राज्य सरकार अब कर्मचारियों, अधिकारियों के अभ्यावेदनों की सुनवाई के लिए मनोज पिंगुआ की अध्यक्षता में एक कमेटी बना दी है। यह कमेटी अभ्यावेदनों की सुनवाई कर समन्वय को रिपोर्ट भेजेगी।

निर्णय का इंतजार करते थक गए शासकीय सेवक

छत्तीसगढ़ के प्रदेश महामंत्री एके चेलक ने कहा कि  तबादले में विसंगतियों के शिकार कर्मचारी पिंगुआ कमेटी के निर्णय के इंतजार में थक चुके है अंतत: मजबूर होकर हाईकोर्ट गए वहां से भी पिंगुआ कमेटी को आवेदन देने और निर्णय के लिए समय सीमा तय कर  देने के बाद भी कोई निर्णय नहीं होने से अनेक परेशानियों से जूझ रहे है।

राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश महामंत्री ए के चेलक ने छत्तीसगढ़ सरकार से मांग किया गया है कि तबादले के विसंगतियों शिकार लोग को राहत प्रदान करने के लिए दिए गए अभ्यावेदनों पर तुरंत निर्णय लेने के लिए जरूरी कार्यवाही करने की मांग की है।

Back to top button